तालग्राम। शासन की समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और किसानों को खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समिति पर खाद न मिलने से परेशान किसानों ने सोमवार को हंगामा किया था। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को उपायुक्त सहकारिता और कृषि अधिकारी ने समिति का औचक निरीक्षण किया। किसानों ने अधिकारियों से शिकायत की। तब सचिव से लिखित स्पष्टीकरण लिया गया और सुधर जाने की हिदायत दी गई।
उपायुक्त सहकारिता राजीव लोचन शर्मा, जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता, अपर जिला सहकारी अधिकारी सुभाष चंद्र यादव, एडीओ सहकारिता अनुराग गौतम और सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक विनय यादव ने समिति का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि कई दिनों से खाद नहीं मिल रही है। आलू बोआई और खेत की तैयारी में दिक्कत हो रही है। समिति पर मनमाने तरीके से खाद का आवंटन होने के कारण उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि समिति के कर्मी कमीशनखोरी कर रहे हैं और खाद वितरण में गड़बड़ी की जा रही है।
वहीं, सचिव सत्यवीर यादव ने कहा कि आंकिक मुकुंद हजेला ने अपने मन से चहेतों को खाद बांट दी है, जबकि आंकिक का कहना था कि सचिव ने केवल अपने परिचितों को खाद बांटी। इस कारण जरूरतमंद किसान वंचित रह गए। इस पर अफसरों ने समिति के सचिव से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा और जांच पूरी होने तक खाद वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। अफसरों की जांच के बाद सचिव पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
अनियमितता की शिकायत पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त सहकारिता राजीव लोचन शर्मा कहना है कि समिति के खाताधारक किसानों को वरीयता के आधार पर खाद का वितरण करने और किसानों को प्राथमिकता के साथ खाद वितरित करने की हिदायत दी गई है। प्रतिदिन आने वाले किसानों का पहले रजिस्टर में नाम अंकित करें। भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कमीशनखोरी की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियम विरुद्ध वितरित हुई खाद
सहकारिता विभाग के अधिकारी के अनुसार बड़े किसानों को एक बार खाद वितरण के 15 दिन बाद दोबारा देने का प्रावधान है। समिति पर सचिव ने कुछ किसानों को पांच से आठ दिन में ही खाद दोबारा वितरण कर दी। इस पर कार्रवाई के नाम पर अधिकारी चुप्पी साध गए।
किसानों ने खाद आवंटन बढ़ाने की मांग
100 किसानों ने अधिकारियों को खाद का आवंटन बढ़ाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समिति के तहत आने वाले गांवों में कृषि भूमि का क्षेत्रफल काफी अधिक है, जबकि खाद का आवंटन जरूरत के अनुसार नहीं किया जा रहा। इस कारण समय पर खाद उपलब्ध न होने से फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है। निरीक्षण में मौजूद अफसरों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई होगी।
स्टाॅक बोर्ड में नहीं मिला अंकित स्टाॅक और मूल्य
अधिकारियों के निरीक्षण में समिति पर स्टाॅक बोर्ड और मूल्य सूची और खाद का स्टाॅक नहीं दर्शाया गया, न ही मूल्य भी अंकित था। इस पर नाराजगी जताई गई। सचिव सत्यवीर सिंह यादव ने अधिकारियों को बताया कि चाक नहीं चला इससे स्पष्ट नहीं लिखा गया है। 1400 बोरी डीएपी आई थी, केवल 60 बोरी स्टाक में है। मंगलवार को अधिकारियों ने बैठकर 296 बोरी खाद वितरण की गई।
जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद
जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने तालग्राम के बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति पहुंच कर खाद गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने ने स्टाक, वितरण रजिस्टर के अलावा ई-पाॅस मशीन को भी देखा। उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया 263283, एनपीके 211395, सिंगल सुपर फास्ट 227457, डीएपी 118838, पोटाश 59619 हजार बोरी मौजूद हैं, जबकि इफ्को 2800 और कृभकों 3220 बोरी डीएपी समितियों पर भेजी जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।