कन्नौज। गंगा का जलस्तर बुधवार दोपहर दो बजे महादेवी घाट पर 124.920 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले माप के मुकाबले 0.020 मीटर बढ़ा है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान 125.970 मीटर से 1.05 मीटर नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में हलचल बढ़ा दी है। कासिमपुर क्षेत्र में गंगा का पानी पुलिया के ऊपर पहुंच गया है।
नरौरा के चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से 1,18,305 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद लोगों की निगाहें अब गंगा के अगले कदम पर टिकी हैं। नदी का बहाव तेज होने से घाटों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कासिमपुर क्षेत्र में गंगा का पानी पुलिया के ऊपर पहुंच गया है, जिससे आवागमन को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तटवर्ती गांवों में लोग नदी की चाल पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों से पल-पल की जानकारी ली जा रही है। सर्वोच्च बाढ़ स्तर 126.780 मीटर दर्ज है, जिससे अभी 1.86 मीटर नीचे है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जय लक्ष्मी पांडेय ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कासिमपुर पुलिया पर पानी पहुंचने के बाद संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं तथा तटवर्ती गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
गंगा की चाल ने बढ़ाई बेचैनी
दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे लेकिन बैराज से बढ़ते डिस्चार्ज और कासिमपुर पुलिया तक पहुंचे पानी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। गंगा फिलहाल शांत दिख रही है, लेकिन उसकी बढ़ती रफ्तार लोगों की धड़कनें बढ़ा रही है।