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कीबोर्ड पर थिरकेंगी अपराध वाले हाथों की अंगुलियां

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जलालाबाद। जिन हाथों से कभी अपराध हो गया था, अब उन्हीं हाथों की अंगुलियां कंप्यूटर के कीबोर्ड पर थिरकती नजर आएंगी। जिला कारागार के बंदियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 120 बंदियों को चिंहित किया गया है। शनिवार से इन बंदियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया। तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी से आए विशेषज्ञों ने बंदियों को बारीकियां बताना शुरू कर दी हैं।
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जलालाबाद में जिला कारागार है। यहां विचाराधीन मामलों के बंदी और दोष सिद्ध कैदी बंद हैं। इन्हें जिला कारागार की चहारदीवारी के भीतर ही हुनरमंद बनाने की कवायद शुरू हुई है। जेल अधीक्षक वीके मिश्रा के मुताबिक पहले चरण में जिला कारागार के 120 बंदियों को प्रशिक्षण के लिए चिंहित किया गया है। इन बंदियों को सुबह 10 बजे से चार बजे तक जिला कारागार परिसर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए चार बैच बनाए गए हैं।
बंदियों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी के साथ ही टाइपिंग, एक्सल शीट बनाना, बिलिंग करना भी सिखाया जाएगा। शासन की मंशा है कि जिला कारागार से छूटने के बाद यह लोग फिर से अपराध की राह न पकड़ें और अपने हुनर से अपने परिवार का जीवनयापन करें।
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डीएम राकेश मिश्रा और एसपी प्रशांत वर्मा ने शनिवार को जिला कारागार में शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया। यहां विजय कुमार शुक्ला, रवि कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार मौजूद रहे।
डीएम एसपी ने की बैरकों की जांच
डीएम राकेश मिश्रा और एसपी प्रशांत वर्मा ने कारागार का निरीक्षण किया। बंदियों की बैरक की जांच की गई। जेल के अस्पताल में भर्ती बंदियों से उपचार को लेकर जानकारी की गई। जेल प्रशासन का दावा है कि निरीक्षण में कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
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