जेपीएस पब्लिक स्कूल एवं कन्नौज पब्लिक स्कूल में
क्रिसमस डे व बारावफात का पर्व हर्षोल्लास एवं रंगारंग कार्यक्रमों के बीच
मनाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कई कार्यक्रम भी पेश किए।
जेपीएस
विद्यालय में सुबह की बेला में जिंगल बेल सुनाकर और नृत्य पेश कर सभी का
बच्चों ने मन मोह लिया। जीवन में प्रकाश का संदेश देते हुए शावर आफ
ब्लेसिंग्स, हर दिल में कोई प्यारी सी एक धुन से श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
करतल ध्वनि से सभी ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया। विद्यालय प्रांगण हरीतिमा
और प्रकाश से सजाया गया है।
कक्षा सप्तम के सयुस द्विवेदी ने सेंटा क्लाज
के रूप में सभी कक्षाओं में टाफी तथा चाकलेट वितरित की। कक्षा 10 ब के मो.
आरफीन ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद का जन्म
दिवस बारावफात के रूप में मनाया जाता है। कहा कि बच्चों के प्रति
सौहार्दपूर्ण व्यवहार एवं दयालुता के प्रतीक थे।
इसके अलावा महिलाओं के
अधिकारों के प्रति जागरूक थे। कहा कि महिलाओं का सम्मान अपना कर्तव्य
समझते थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय शुक्ला ने ईसा मसीह के व्यक्तित्व
पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईसा मसीह सत्य अहिंसा और मानवता के पुजारी थे।
ईसाई लोग उन्हें ईश्वर का अवतार मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय उन्हें
अल्लाह के भेजे हुए पैगंबर मानते हैं। उनके विचार एवं कार्य हम सभी के लिए
अनुकरणीय हैं। कन्नौज पब्लिक स्कूल मैरी क्रिसमस व बारावफात का त्योहार
रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।
छोटे-छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक
कार्यक्रमों द्वारा सेंटाक्लाज का सचित्र प्रस्तुतीकरण किया। साथ ही जिंगल
बेल-डांस और क्रिसमस के गीत पेश किए। इसके अलावा मिलाद उन नवीं (बारावफात)
के बारे में तथा पैगंबर मोहम्मद साहब और ईसा मसीह के जीवन के विषय में
बच्चों को बताया गया।
स्कूल के प्रबंधक प्रदीप तिवारी ने इन पर्वों के
महत्व और क्रिसमस के संदेश को अपनाने पर बल दिया और टीचरों से मेहनत,
ईमानदारी और लगन से बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अपील की। साथ ही
योगा करने के लिए भी प्रेरित किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य
अमरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष रजत तिवारी, दीपक निगम, स्वाती दुबे, अवधेश दुबे
आदि मौजूद थे।