तिर्वा(कन्नौज)। मेहनत-मजदूरी कर सात बच्चों का खर्च चला रहे दंपती ने अपने 11 माह के बच्चे को गोद देने के नाम पर एक पक्ष से एक लाख इकसठ हजार रुपये ले लिए। लेनदेन में विवाद होने पर मामला खुला। इस पर यह कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने मामले का निस्तारण कराने के लिए बच्चे समेत दोनों पक्षों को चाइल्ड हेल्प लाइन भेज दिया।
कोतवाली इलाके के एक गांव के दंपती के सात बच्चे हैं। इनकी गुजर-बसर में दिक्कत हो रही है। बच्चे की मां को पथरी की शिकायत है। इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। दंपती ने इलाज और कर्ज के लिए 11 माह के पुत्र को दूसरे को गोद देने की ठान ली। इन लोगों ने सौरिख थाना क्षेत्र में आशा और गांव की महिला से संपर्क किया। उसने थाना इंदरगढ़ क्षेत्र के दंपती से बच्चा गोद लेने की बात चलाई। दंपती के शादी के 11 साल बीत जाने पर भी बच्चा नहीं था। वह तैयार हो गए।
बच्चे के माता-पिता ने गोद देने के नाम पर एक लाख इकसठ हजार रुपये ले लिए। दोनों का समझौता छिबरामऊ तहसील में लिखा गया। इसकी नोटरी कराई गई। अचानक दंपती को बच्चे की याद आई। इन्होंने पूरे रुपये न मिलने की बात कहते हुए मांग की। इस पर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने लगा। विवाद कोतवाली पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनकर मध्यस्थता करने वाली आशा को बुलाकर पूछताछ की। आशा ने बताया कि दंपती ने अपने इलाज और पारिवारिक खर्च के लिए 11 माह के बच्चे को गोद देने की बात कही थी। उसने जरूरतमंद दंपती की खोजकर मिलवा दिया।
बच्चे को देने के समय दंपती ने 61000 हजार रुपये लिए। नोटरी की लिखापढ़ी होने छिबरामऊ तहसील गए तब एक लाख रुपये दिए। बच्चे की मां अब कह रही हैं कि उसे पूरे रुपये नहीं मिले हैं। इससे बच्चा वापस किया जाए। कोतवाल शैलेंद्र मिश्र का कहना है कि चाइल्ड हेल्पलाइन में मामला भेज दिया गया है। वहीं दोनों पक्ष से बात कर मामले का निस्तारण होगा। अगर कोई तहरीर देता है तो छानबीन कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।