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सुपोषित गांव योजना से खत्म होगा कुपोषण

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कन्नौज। कुपोषण खत्म करने के लिए सुपोषित गांव योजना शुरू की गई है। इसके तहत सबसे अधिक कुपोषित बच्चों वाले 23 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में जागरुकता कार्यक्रम के साथ ही कई योजनाओं का संचालन किया जाएगा। इसके लिए छह महीने का समय दिया गया है। छह माह में चयनित गांवों में कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का लक्ष्य है।
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शासन कुपोषण को खत्म करने के लिए गंभीर है। इसके लिए सुपोषित गांव योजना शुरू की गई है। कुपोषित बच्चों वाले गांवों का चयन कर जिला कार्यक्रम विभाग कार्यक्रमों का संचालन करेगा। इससे कि चयनित गांवों को छह महीने के अंदर सुपोषित गांव का दर्जा मिल सके। यह तभी संभव होगा, जब गांव में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। सुपोषित गांव योजना के तहत 23 गांवों का चयन किया गया है। इसमें जिले के सभी विकास खंड के तीन-तीन गांव शामिल किए गए हैं। गुगरापुर ब्लाक के दो गांव चिह्नित हैं। चयनित गांवों में जागरुकता कार्यक्रम के तहत माता-पिता समेत ग्रामीणों को कुपोषण के बारे में बताकर बचाव के तरीके बताए जाएंगे। इससे कि गांव में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे।
इन गांवों का किया गया चयन
ब्लॉक चयनित गांव
उमर्दा अहेर, कचाटीपुर, कृपालपुर्वा
छिबरामऊ औराई, गिरधरपुर, खल्ला रूपमंगदपुर
तालग्राम नेकनामपुर, मुसाफिरपुर, टड़हा
कन्नौज कपूरापुर, सुजान सराय, नजरापुर
सौरिख गुबरिया, परौर, भावलपुर
जलालाबाद सतवारी, गौरियापुर, कूल्हापुर
हसेरन नादेमऊ, हुसैन नगर, जरिहापुर
गुगरापुर मुर्रा, नवलपुर्वा।
सीडीपीओ व मुख्य सेविका को जिम्मेदारी
सुपोषित गांव योजना के तहत सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चों वाले 23 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों को सुपोषित करने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी व मुख्य सेविका को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी काम करेंगी।
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टीएसयू टीम करेगी काम
पोषण सखी यूनिट (टीएसयू) चिह्नित किए गए गांवों का भ्रमण करेगी। कुपोषित बच्चे के माता-पिता की विशेष काउंसलिंग की जाएगी। कुपोषित बच्चों को खाने में क्या, कब-कब और कितनी मात्रा में देना है, इसके बारे में बताया जाएगा। साथ ही बच्चे का हर भ्रमण पर वजन किया जाएगा।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
कुपोषित परिवार को अगर अभी तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है, तो सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। आवास, शौचालय, पेंशन, राशन कार्ड, गोल्डन कार्ड, उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जाएगा। कुपोषित परिवार को डबल पोषाहार दिया जाएगा।
सुपोषित गांव योजना के तहत उन गांवों को लिया गया, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। इन गांवों में छह महीने लगातार कार्यक्रम चलाकर चिह्नित गांवों को सुपोषित किया जाएगा। कुपोषण को मिटाने के लिए यह अच्छी योजना है।
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-नीलम कटियार, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
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