बीएसए रामकरन यादव द्वारा प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ
के जिलाध्यक्ष उदय नरायन सिंह यादव को नोटिस भेजने के मुद्दे पर सोमवार को
विकास भवन में कई कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने बीएसए के खिलाफ मोर्चा
खोलते हुए कहा कि यदि उत्पीड़न बंद न हुआ तो जल्द ही आरपार की जंग होगी।
बाद में कर्मचारी नेताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अनुज कुमार झा से मिलकर
शिकायत दर्ज कराई। विकास भवन में चर्चा के दौरान राज्य कर्मचारी
संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता ने कहा कि जनवरी 15 में डीएम
को पत्र देकर कर्मियों के साथ अभद्रता से बातचीत करने वाले अफसरों की
शिकायत की गई थी।
यदि इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई की गई होती तो यह नौबत न
आती। उन्होंने सच सामने लाने के लिए स्टेनो प्रकरण में लाई डिटेक्टर टेस्ट
कराने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों से गालीगलौज, अभद्रता या
उत्पीड़न करना बरदाश्त नहीं होगा। यदि उच्चाधिकारी ऐसे अफसरों की लगाम नहीं
कसते हैं तो परिषद अफसरों से उन्हीं की भाषा में जवाब देने को मजबूर होगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश नेतृत्व को बीएसए द्वारा कर्मचारियों के
उत्पीड़न की जानकारी दे दी है। कहा कि पांच फरवरी को कई प्रांतीय
पदाधिकारी कन्नौज आएंगे। प्रदेश नेतृत्व ने पूरा सहयोग देने का भरोसा
दिलाया है। उधर, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री
श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि बीएसए तानाशाह हैं।
दमनकारी रवैया अपनाकर विवाद
को दावत दे रहे हैं। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजकर बीएसए उन पर
दबाव बनाना चाहते हैं, लेकिन बीएसए भलीभांति समझ लें कि वह अकेले नहीं हैं।
जिले भर के कर्मचारी नेता उदय नरायन के साथ हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त
परिषद के जिलाध्यक्ष सतेंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि बीएसए की भाषा शैली ठीक
नहीं हैं।
कर्मचारी नेताओं से वार्ता के दौरान उन्होंने खुद कई गलत शब्दों
का प्रयोग करने की बात स्वीकारी थी। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विभाग
में टीचरों का उत्पीड़न बंद न हुआ तो जिले भर के कर्मचारी प्रदर्शन के लिए
बाध्य होंगे। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राम अवतार
यादव, वरिष्ठ कर्मचारी नेता प्रमोद दोहरे, परिषद के जिला महामंत्री मान
सिंह प्रजापति, माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री आदि मौजूद थे।