Staff nurse's health deteriorated, Kanpur referred
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छिबरामऊ। नगर के सौ शय्या अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात पुरुष स्टॉफ नर्स की शनिवार की देर रात तबियत बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल न होने की वजह से सुबह चिकित्सकों ने उसे कानपुर कार्डियोलॉजी के लिए रेफर कर दिया। गुस्साए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इमरजेंसी गेट पर प्रदर्शन किया।
नगर के सौ शय्या अस्पताल के पैरा मेडिकल स्टॉफ की नौकरियों पर ग्रहण लगा हुआ है। अपनी नौकरी जाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मी मानसिक अवसाद से गुजर रहे हैं। इसी वजह से शनिवार की रात अस्पताल में ड्यूटी कर रहे पुरुष स्टॉफ नर्स विवेक की हालत बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर काफी हाई हो गया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने पुरुष स्टॉफ नर्स का इलाज किया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। जिसके चलते रविवार
सुबह उसे कानपुर के कार्डियोलॉजी के लिए रेफर कर दिया गया। नौकरी खोने के अवसाद में विवेक की हालत बिगड़ने से स्वास्थ्य कर्मियों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर प्रदर्शन कर धरना देने की
चेतावनी दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि विवेक ने ढाई लाख रुपए की रिश्वत देकर यह नौकरी पाई है। अभी कुछ महीने हुए हैं और नौकरी पर संकट के बादल छा गए। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. अजय कुमार ने बताया कि तनाव के चलते विवेक की हालत खराब हुई है, जिसके चलते उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया है।
स्टॉफ नर्स विवेक की पत्नी संगीता भी सौ शय्या अस्पताल में स्टॉफ नर्स के पद पर तैनात है। संगीता ने बताया कि नौकरी पर छाए संकट के बादलों के चलते उसके पति मानसिक अवसाद में हैं, जिसके चलते उनकी तबियत बिगड़ी है। यदि उसके पति को कुछ हुआ तो वह भी इमरजेंसी गेट पर खुदकुशी कर लेगी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि उनका साथी विवेक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थे। उनकी हालत नाजुक थी लेकिन इसके बाद भी सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी या अन्य कोई चिकित्सक उन्हें देखने नहीं आया। केवल इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ही उनका इलाज करते रहे।