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अहमदाबाद से 1315 लोगों को लेकर पहुंची स्पेशल ट्रेन

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कन्नौज रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। लॉकडाउन में गुजरात के विभिन्न हिस्सों में फंसे 39 जिलों के 1315 यात्रियों को लेकर 22 कोच की श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुरुवार दोपहर 12:19 बजे कन्नौज स्टेशन पहुंची। श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। श्रमिकों को बसों से गृह जनपद रवाना किया गया। इन्हें भेजने के लिए रोडवेज की 45 बसों को लगाया गया था। यात्रियों ने 540 रुपये किराया वसूली की बात बताई। कहा, रास्ते में कहीं भी खाने पीने की व्यवस्था नहीं कराई गई थी। 18 घंटे के सफर में बच्चे भूख से बिलख उठे। कन्नौज रोडवेज स्टेशन से बस में बैठने पर खाने के पैकेट और पानी की बोतलें दी गईं। 18 घंटे बाद पेट में खाना और पानी गया, तब राहत मिली। बस में अधिकतम 27 यात्रियों को बैठाने का मानक तय किया गया था। कुछ बसों में यात्री बढ़ गए तो सामाजिक दूरी टूटती नजर आई। इसी तरह रायबरेली और फतेहपुर की छह-छह बसों को कन्नौज बस अड्डे से रवाना किया गया। यहां के सबसे ज्यादा यात्री थे। बस अड्डे पर भी कुछ देर के लिए सामाजिक दूरी टूटती नजर आई। एएसपी विनोद कुमार और एडीएम गजेंद्र कुमार ने व्यवस्था ठीक कराई। डीएम राकेश कुमार मिश्रा और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
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इन जिलों के यात्री आए
स्पेशल ट्रेन से औरैया, हरदोई, उन्नाव, इटावा, फर्रुखाबाद, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, लखनऊ, मैनपुरी, एटा, संत कबीरनगर, बस्ती, मऊ, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, गोंडा, आंबेडकर नगर, बलरामपुर, गाजीपुर, मैनपुरी, चंदौली, जौनपुर, कौशांबी, झांसी, एटा, कासगंज, बरेली, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद जिलों के यात्री कन्नौज स्टेशन पर पहुंचे। यहां से इन्हें बसों से गृहजनपद के लिए रवाना किया गया।
मासूम बच्चों को लेकर भटकी महिला
रायबरेली निवासी अंजू कन्नौज रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद रायबरेली की बस तलाशते हुए रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचीं। यहां थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिली पर्ची की जांच कराने में 20 मिनट लग गए। तेज धूप में खड़ीं अंजू और बच्चे व्याकुल होते रहे। किसी तरह बाधाओं को पार करअंजू बस में प्रवेश कर सकीं।
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धूप में तप गईं बसें, गर्मी में तड़पे यात्री
कन्नौज। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आने वाले यात्रियों को ले जाने के लिए बसें रात में और गुरुवार तड़के जीटी रोड और रोडवेज बस अड्डे पर पहुंच गईं। यह बसें तेज धूप में तप गईं। गर्मी के बीच पैदल चलते हुए यात्री बस में घुसे तो गर्मी से व्याकुल हो गए। जिला प्रशासन ने इन्हें समय पर पानी और खाना उपलब्ध कराकर राहत दी।
प्रति श्रमिक वसूले 540 रुपये, कई ने उधार लेकर दिए
कन्नौज। गैरप्रांतों में फंसे लोगों को घर भेजने के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन तो किया लेकिन हर किसी से किराया भी वसूला। किराया वसूलने का यह मामला तब सामने आया जब इस पर सियासी घमासान मचा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इसका विरोध कर चुकी हैं। गुरुवार को गुजरात के साबरमती स्टेशन से रवाना हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेन 1315 यात्रियों को लेकर कन्नौज पहुंची। प्रति यात्री किराये के 540 रुपये वसूले गए। इसमें कई यात्री ऐसे थे, जिनके पास टिकट खरीदने के रुपये नहीं थे। इन्होंने परिचितों से उधार या किसी से विनती कर रुपयों का इंतजाम किया। इसके बाद ट्रेन में चढ़ सके। कई यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर बरेली मंडल के उप मुख्य टिकट निरीक्षक सुशील कुमार सिंह को इसकी जानकारी भी दी। कुशीनगर की सावित्री ने बताया कि जिलों से बसों के जरिए वह लोग साबरमती स्टेशन पहुंचे थे। बस में सवार होने लगे तो ट्रेन का किराया लिया गया। इसके बाद स्टेशन पर छोड़ा
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