कन्नौज। पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने नेपाल जैसी क्रांति होने पर अखिलेश यादव व राहुल गांधी के घर जलाए जाने के बयान के बाद सपा नेता ने पलट वार किया है। वरिष्ठ सपा नेता अनिल पाल व विजय द्विवेदी ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि इस प्रकार के बयान भाजपा नेताओं की खिसियाहट दिखाते हैं।
वरिष्ठ सपा नेताओं ने कहा कि देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी संविधान का उल्लंघन है। सपा मुखिया का नाम लेकर तथा उनके खिलाफ चुनाव लड़ने से कोई उनके बराबर का नेता नहीं बन जाता है। केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए बार-बार उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने से कन्नौज क्षेत्र की जनता में आक्रोश है। कन्नौज आज भी अखिलेश यादव के नाम से गौरवान्वित होता है।
प्रदेश सचिव आकाश शाक्य ने कहा कि पूर्व सांसद सुब्रत पाठक का चरित्र पूर्व से ही अराजक रहा है। अब पीडीए समाज जागरूक हो चुका है, जो इनके द्वारा फैलाए गए षडयंत्र में फंसने वाला नहीं है। इस दौरान सयुस प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब हसन, महासचिव रामसेवक राजपूत, सलोवा जिलाध्यक्ष अंशू पाल, दीपक यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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फोटो :34: पूर्व सांसद शिव दयाल चौरसिया के चित्र पर पुष्प अर्पित करते सपाई। स्रोत : पार्टी
शिव दयाल चौरसिया की मनाई पुण्यतिथि
सपा कार्यालय में राज्यसभा के पूर्व सांसद शिव दयाल चौरसिया की पुण्यतिथि मनाई गई। जिलाध्यक्ष कलीम खां ने कहा कि शिव दयाल चौरसिया काका कालेलकर आयोग और मंडल कमीशन के सदस्य थे। वह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के सहयोगी रहे। उन्होंने लोक अदालत की अवधारणा को जन्म दिया और ओबीसी शब्द को पहचान दिलाई। सभी ने एकजुट होकर शिव दयाल चौरसिया के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।