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रेत में गोवंशों के शव दफनाए, जांच टीम गठित

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shav dafan - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। गंगा और काली नदी में सैकड़ों गोवंशों के शव मिलने के बाद शनिवार सुबह आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके से मिले 37 शवों को जेसीबी की मदद से रेत में दफन किया गया। डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की है।
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गंगा और काली नदी के संगम के पास स्थित गुमटिया गांव के सामने शुक्रवार शाम ग्रामीणों को करीब 100 गोवंशों के शव दिखे थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शनिवार को सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी और जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शाल्या समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही स्थानीय लोगों को भीड़ जुट गई। अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से 37 शवों को निकालकर रेत में दफन कराया। जबकि कुछ शव पानी में बह गए थे।
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने मामले की जांच के लिए एसडीएम और जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की है। डीएम ने बताया कि बरामद हुए शवों में 20 भैंस और 17 गोवंश है। यह जिले के बाहर से यह बहकर आए है।
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कन्नौज। एसडीएम सदर और जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी काली नदी किनारे स्थित चौराचांदपुर गोशाला पहुंचे। यहां करीब 106 गोवंश थे। अधिकारियों को देखकर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने केयरटेकर पर आरोप लगाते हुए कहा कि शाम होते गोशाला से गोवंश छोड़ दिए जाते है और सुबह फिर कैद कर लिए जाते है। पूरी रात गोवंश खेतों की फसल चर जाते है।
कन्नौज। गंगा और काली नदी में गोवंशों के शव मिलने की जांच शुरू हुई है। सूत्रों के मुताबिक किसी गोशाला में गोवंशों की मौत हुई है। कार्रवाई के डर से शवों को नदियों में फेंका गया है। इसके बाद आवारा गोवंशों को पकड़ कर कैद कर लिया गया। इससे अधिकारी भ्रमित है। शहर में कुछ दिनों से आवारा गोवंशों की संख्या भी कम हुई है। लोग चर्चा कर रहे है कि गोवंशों को रात के समय पकड़ा गया है। फिलहाल मामले की जांच शुरू हो गई है। संभावना है कि कई जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
कन्नौज। गंगा और काली नदी में शव मिलने से हड़कंप मच हुआ है। अब गंगा प्रहरी सुबह और शाम दोनों नदियों के किनारे गश्त करेंगे। यह लोग शव मिलने की सूचना एसडीएम कार्यालय में देंगे। इसके अलावा किसानों को नदियों में शव न फेंककर दफनाने के लिए जागरूक भी करेंगे। गंगा प्रहरी टीम लीडर रमा तिवारी ने बताया कि गंगा और काली नदी में जानवरों के शव मिलने से आहत हूं। सदर ब्लाक और गुगरापुर में तैनात 19 गंगा प्रहरियों को निगरानी के निर्देश दिए गए है।

shav dafan- फोटो : KANNAUJ

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