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Kannauj News: अंत्योदय की तर्ज पर निराश्रित गोवंशों की करें सेवा

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अधिकारियों के साथ बैठक करते गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय। - फोटो : अधिकारियों के साथ बैठक करते गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय।
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कन्नौज। ऋषि-मुनियों ने गोवंश को माता कहा है। गोवंश बचेगा तो देश बचेगा। अंत्योदय की तर्ज पर प्रत्येक निराश्रित गोवंशों की सेवा होनी चाहिए। एक-एक गोशालाओं की व्यवस्थाएं देखे और उन्हें व्यवस्थित करें। यह बात उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में गुरुवार को कही।
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उन्होंने कहा कि गोवंशों के भरण-पोषण के लिए सरकार के पास धन की कमी नहीं है। गोवंश का पैसा उन्हें ही जाए। पहले 30 अब 50 रुपये गोवंशों के भरण-पोषण के लिए सरकार दे रही है। उन्हें हरा चारा, चोकर, भरपेट भोजन मिलना चाहिए। अगर गोवंश की हड्डियां निकली हुई हैं तो समझो पालन-पोषण में कमी है। गौशाला में हरे चारे, सफाई, पेयजल आदि की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि से गोशालाएं आत्मनिर्भर होंगी। गोचर भूमि पर गोवंश के लिए हरे चारे की बुआई कराई जाए। गोशालाएं स्वावलंबी होनी चाहिए।
गोशालाओं के स्वावलंबन के लिए कार्य किया जाए। गोवंश संरक्षित करने के लिए गोशालाओं में पर्याप्त स्थान है। विकास खंड में क्षमता से अधिक गोवंश नहीं हैं। अभियान चलाकर गोवंशों को संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के तहत हम पशुपालक किसानों को एक से चार गोवंश देंगे। गोबर गैस का प्लांट लगाने के लिए पशुपालक किसानों को सब्सिडी दिलाने का भी कार्य किया जाएगा। गोबर गैस निर्माण के लिए पशुपालक किसानों को जागरूक किया जाए। गाय हमारे लिए उपयोगी है, जहां गाय हमें दूध देती हैं। वहीं, गोबर, गो-मूत्र से जैविक खेती की जा सकती है।
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