झालरों से सजाया गया सिद्धपीठ बाबा गौरी शंकर मंदिर।
- फोटो : झालरों से सजाया गया सिद्धपीठ बाबा गौरी शंकर मंदिर। संवाद
कन्नौज। भोलेनाथ भंडारी की स्तुति का महापर्व सावन मास शुक्रवार से प्रारंभ होगा। धार्मिक मान्यता है कि इस मास में भगवान शिव की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पूरे माह भक्त भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहेंगे। पूर्णिमा यानी नौ अगस्त को रक्षाबंधन होगा। पहला सोमवार 14 जुलाई को है।
शिव भक्तों ने गुरुवार को शिवालयों में जोर-शोर से तैयारी की है। मंदिरों में सफाई और रंग रोगन का काम पूरा कराया। इन दिनों शहर के पौराणिक बाबा विश्वनाथ मंदिर और गौरीशंकर मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। इस मास में कांवड़ियों में भी खासा उल्लास देखने को मिलता है। वे गंगा नदी से जल भरकर इत्रनगरी के प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में बाजार भी भगवा कपड़ों से सज गए हैं। महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाने के साथ झूलों का आनंद के साथ पर्व मानती हैं। उधर, शिव मंदिरों में लगने वाले मेले की दुकानदारों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।