कन्नौज। प्रतिबंध के बावजूद खेतों में पराली जलाने वाले चार किसानों को मंगलवार को उपग्रह (सैटेलाइट) से पकड़ा गया है, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसकी निगरानी रखने के लिए कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियाें की जिला, तहसील, ब्लाॅक और गांव स्तर पर निगरानी कमेटी बनाई गई है। साथ ही सैटेलाइट के माध्यम से भी इस पर नजर रखी जा रही है। पकड़े गए किसानों पर जुर्माना लगाया गया है।
किसान धान की कटाई के बाद जल्दी रबी फसलों की बोआई के चक्कर में फसल अवशेष खेतों में जला रहे हैं। इसके पीछे किसानों में जागरूकता का भी अभाव है। अधिकांश किसानों को खेतों में पयार प्रबंधन के बारे में जानकारी ही नहीं है। जिले में पयार जलाने के चार मामले पकड़े गए हैं। सौरिख ब्लाक के डडौना में दो, हजरतपुर और उमर्दा के पछायेपुर्वा में एक-एक मामला सैटेलाइट के माध्यम से पकड़ा गया है। संबंधित किसानों पर जुर्माना लगाने के लिए छिबरामऊ और तिर्वा एसडीएम को कृषि उप निदेशक संतोष कुमार ने पत्र भेजा है।
खेतों में पराली जलाए जाने के मामले में कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियाें की जिला, तहसील, ब्लाॅक और गांव स्तर पर मिलकर कार्य कर रहे हैं। खेतों की ओर से धुआं उठते या सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंच रही है। विभागीय अधिकारियों को सैटेलाइट से भी आग लगाने की जानकारी मिल रही है। टीम की दबिश के दौरान ऐसे ही चार किसान पराली जलाते पाए गए हैं।
शासन ने हेक्टेयर के हिसाब से रखा जुर्माना
शासन ने इस बार दो एकड़ से कम भूमि वाले कृषक को पराली जलाने पर पांच हजार प्रति घटना जुर्माना देना होगा। दो से पांच एकड़ भूमि वाले कृषक पर 10 हजार रुपये प्रति घटना जुर्माना लगेगा। पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 30 हजार रुपये प्रति घटना जुर्माना लगेगा।