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सरकार छिपा रही मौतों का आंकड़ा: अखिलेश यादव

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घटनास्थल पर हादसे की जानकारी लेते पूर्व सीएम अखिलेश यादव। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। जीटी रोड पर घिलोई गांव के सामने ट्रक व स्लीपर बस भिड़ंत के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार मौतों का आंकड़ा छुपा रही है।
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सोमवार दोपहर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे। दिनेश शाक्य एडवोकेट, महेश यादव व महेंद्र यादव से प्रकरण की जानकारी ली। हादसे के बाद जली बस को भी देखा। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार इस हादसे में मौतों का आंकड़ा छिपा रही है। घटना को चार दिन का समय बीत चुका है। अभी तक पुलिस बस मालिक विमल चतुर्वेदी को नहीं पकड़ सकी। शासन व प्रशासन बस मालिक को बचाने का प्रयास कर रहा है। बस में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। पीछे के हिस्से में टिन लगी है। यहां कांच लगा होना चाहिए था। कांच लगा होता तो सवारियाें की जान बच सकती थी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मृतकों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। यह कम है। वह सरकार से इन परिवारों को दस- दस लाख रुपये दिए जाने की मांग करेंगे। इस दौरान पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव, एमएलसी पुष्पराज जैन, रामेंद्र यादव प्रधान, रॉबिन सिंह यादव, प्रधान रवी कोरी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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घटनास्थल पर हवन कराएं सपाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि उन्हें पता लगा है कि बस हादसे के बाद शनिवार को यहां एक और हादसा हुआ है। पार्टी कार्यकर्ता हादसे का शिकार हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए घटनास्थल पर हवन कराएं।
पुष्प अर्पित किए, मौन धारण कर दी श्रद्धांजलि
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटनास्थल पर हादसे का शिकार हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। उन्होंने घटनास्थल पर पर पुष्प अर्पित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
बिना मानकों के सड़कों पर दौड़ रहीं स्लीपर बसें, जिम्मेदार कौन
छिबरामऊ। सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बगैर मानकों के सड़कों पर फर्राटा भर रहीं स्लीपरों बसों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। यह हादसा शासन और प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बस हादसे में घायल यात्रियों का हाल चाल भी लिया। बस में सवार यात्रियों की संख्या के बारे में भी पूछा। सभी यात्रियों ने बस के अंदर 70 से 80 सवारियां होने की बात कही। उन्होंने मरीजों से चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। कहा कि घायलों को जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल पा रही है। चिकित्सीय सुविधाएं भी सही से मुहैया नहीं करवाई जा रहीं। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि मानकों की अनदेखी कर बस का निर्माण हुआ था। बस का चेसिस बढ़ाया गया था। बस के पीछे शीशे की जगह टिन लगी थी। इसी का नतीजा है कि बस में आग लगने के बाद सवारियां पीछे से नहीं निकल सकीं। खिड़कियों में पाइप लगा हुआ था। इससे यात्री खिड़कियाें के शीशे तोड़ने के बाद भी बाहर नहीं निकल सके। इन सब मानकों की अनदेखी के बाद भी बस को परमिट दे दिया गया। अब इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है, इसका अनुमान स्वयं ही लगाया जा सकता है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू, पूर्व चेयरमैन दिनेश यादव, योगेंद्र यादव, पूर्व प्रदेश सचिव शिवकुमार यादव उर्फ घुर्रम, अच्छे खां, रविपाल सिंह यादव उर्फ मिंटू, जिला पंचायत सदस्य पिंटू यादव, सालोक दुबे, कमलेश यादव प्रधान, दलगंजन सिंह, संतोष गुप्ता, रहीस अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।
बस मालिक के बजाय एजेंटों को तलाश रही पुलिस
अखिलेश यादव ने बताया कि हादसे के बाद अभी तक पुलिस बस मालिक को तलाश नहीं कर पाई है। पुलिस बस के एजेंटों को तलाश रही है। पूर्व सीएम के अनुसार बस मालिक भाजपाई है, इससे सरकार उसे बचा रही है।
सरकार ने रुकवाया विधि विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तालग्राम कट के पास सपा सरकार में शुरू कराए गए विधि विज्ञान प्रयोगशाला का कार्य भाजपा सरकार ने रुकवा दिया है। प्रयोगशाला तैयार हो गई होती तो अब तक हादसे का शिकार हुए मृतकों की संख्या का आंकड़ा स्पष्ट हो जाता।
लोकसभा चुनाव में मदद करने वाले अधिकारी हो रहे हैं पुरस्कृत
पुलिस महकमे में सिस्टम पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हीं अधिकारियों को पुरस्कृत किया जा रहा, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा की खुलकर मदद की थी।
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