कन्नौज। इत्रनगरी की लोकगायन परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है। कन्नौज के प्रसिद्ध आल्हा गायक संग्राम सिंह को नेपाल के काठमांडू में आयोजित तीन दिवसीय नेपाल-भारत साहित्य महोत्सव में भारत-नेपाल मैत्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने प्रदान किया। सम्मान मिलने से जिले के कलाकारों, साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित महोत्सव में भारत और नेपाल के साहित्यकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक हस्तियों ने भाग लिया। इस दौरान संग्राम सिंह ने अपनी आल्हा प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति को खूब सराहना मिली और लोकगायन के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें भारत-नेपाल मैत्री अवार्ड से सम्मानित किया गया।
महोत्सव में दोनों देशों के 55 साहित्यकारों और कलाकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में साहित्यिक गोष्ठियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श सत्रों का आयोजन किया गया। संग्राम सिंह ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से न सिर्फ लोकगायन की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया, बल्कि कन्नौज की सांस्कृतिक पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। सम्मान के बाद कन्नौज लौटने पर संग्राम सिंह का युवाओं और समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर गत किया। लोगों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए बधाई दी।
जिले के लिए गौरव का क्षण
नेपाल में मिला भारत-नेपाल मैत्री अवार्ड केवल संग्राम सिंह की उपलब्धि नहीं, बल्कि कन्नौज की लोक संस्कृति और आल्हा गायन परंपरा का सम्मान माना जा रहा है। जिले के कलाकारों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।
वर्जन
लोकगायन हमारी सांस्कृतिक विरासत है। नेपाल में मिला यह सम्मान कन्नौज की मिट्टी, लोककला और उन सभी श्रोताओं को समर्पित है जिन्होंने हमेशा मुझे स्नेह और सम्मान दिया।
-संग्राम सिंह, आल्हा गायक