फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे के लिए रेलवे भी जिम्मेदार

Sun, 23 Aug 2015 11:23 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
विज्ञापन
विज्ञापन
जसोदा पश्चिमी केबिन के पास हुए हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं है। गनीमत रही कि लोडर के पिछले हिस्से की बाडी ही रेल पटरी किनारे पहुंची। यदि कहीं पूरा लोडर पटरी के ऊपर होता तो फिर यह हादसा और भयंकर रूप ले लेता।
विज्ञापन


रेलवे की पश्चिमी केबिन के पास से तिर्वा कसबे तक जाने वाला डामर रोड है। इस रोड व रेलवे लाइन के बीच किसी भी प्रकार की सुरक्षा का इंतजाम नहीं है। रेलवे के अधिकारियों ने जीटी रोड व रेल पटरी के बीच में तो सुरक्षा के लिए दीवार बनवा रखी है, लेकिन दक्षिण साइड के हिस्से को खुला छोड़ दिया है। कसबावासियों ने बताया कि पश्चिमी केबिन से तिर्वा की ओर जाने वाले रोड की ऊंचाई भी रेल पटरी की तुलना में अधिक है।

इस रोड पर पूरे दिन वाहनों का आना-जाना रहता है। ऐसी स्थिति में सदैव वाहनों के बेकाबू होकर रेल पटरी पर पहुंचने का खतरा मंडराता रहता है। कई बार रेलवे प्रशासन से संपर्क रोड व रेल पटरी के बीच में सुरक्षा के लिए लोहे के एंगल लगवाने या फिर दीवार खड़ी करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। रविवार को हादसे के बाद मौके पर आए रेलवे के अधिकारियों के सामने भी क्षेत्रवासियों ने यह लापरवाही उजागर की।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि यदि दीवार बनी होती या लोहे के एंगल लगे होते तो लोडर रेलवे पटरी तक पहुंच ही नहीं पाता। इस मुद्दे पर रेलवे अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार किया।

लोडर को तलाशते रहे पर बाडी ही मिली
जसोदा। हादसे के बाद पहुंचे रेलवे सुरक्षा बल का फोर्स लोडर को तलाशता रहा लेकिन घटनास्थल पर केवल उसकी क्षतिग्रस्त बाडी ही मिली। चालक व लोडर का अगला हिस्सा गायब था। कई घंटे तक आरपीएफ के जवानों ने लोडर मालिक के बारे में जानकारियां जुटाईं, ताकि विभागीय कार्रवाई हो सके।

सहमे से नजर आए ट्रेन यात्री
जसोदा। हादसे के बाद ट्रेन यात्री सहमे नजर आए। रेल पटरी किनारे कई जगह घायलों के कपड़े बिखरे नजर आए। इलाहाबाद से फर्रुखाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन करीब 45 मिनट तक जसोदा रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। ट्रेन के गार्ड एसएन वर्मा ने बताया कि अचानक लोडर सामने आ गया। ट्रेन फुल स्पीड में होने के कारण चालक को ब्रेक लगाने तक का मौका नहीं मिला। ट्रेन के चालकों ने अपने नाम तक बताने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके अधिकारी ही कुछ बोल सकते हैं। देर रात रेलवे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल से रोड की दूरी नापी। चर्चा है कि लोडर चलाने वाला चालक नशे की हालत में था। घटना के बाद वह तिर्वा की ओर भाग खड़ा हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें