गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के कसबा जसोदा में पश्चिमी केबिन के पास मथुरा एक्सप्रेस की टक्कर से एक लोडर के परखचे उड़ गए। हादसे में ट्रेन में सवार एक यात्री की मौत हो गई और 30 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैक करते समय लोडर पटरी के किनारे आ गया था। टक्कर के बाद लोडर की बॉडी रगड़ने से ट्रेन के इंजन और आठ बोगियों के पावदान क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी होने पर एसपी और रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जीटी रोड से जसोदा पश्चिमी केबिन से तिर्वा की ओर जाने वाले रोड किनारे रविवार शाम 5:20 बजे एक चालक लोडर को रेलवे लाइन किनारे बैक कर रहा था। इसी दौरान चालक संतुलन खो बैठा। इससे लोडर का पिछला हिस्सा रेलवे लाइन किनारे पहुंच गया। अचानक कानपुर से कासगंज होते हुए मथुरा जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। इंजन से टक्कर होने के बाद लोडर का पिछला हिस्सा ट्रेन की बोगियों के पायदानों से रगड़ता चला गया।
हादसे से ट्रेन की आठ बोगी के पायदान क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि ट्रेन की पायदान पर बैठे यात्रियों में से किसी के पैर, घुटने टूटे तो किसी के हाथ समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। करीब आधा किमी के दायरे में घायल यात्री रेलवे ट्रैक किनारे इधर-उधर गिरे।
घटनास्थल से करीब एक किमी दूर जसोदा पुल के पास जाकर ट्रेन रुकी। एक घंटा 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही। लोगों के मुताबिक यह लोडर सिमरापुर गांव का है। लेकिन हादसे के बाद चालक भाग गया। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, मंडल रेल अधीक्षक आरके झा, आरपीएफ दारोगा प्रशांत सिंह यादव मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। काफी प्रयास के बावजूद मृतक यात्री की पहचान नहीं हो सकी। वहीं घायल होने में ज्यादातर 20 से 25 वर्ष तक के युवा हैं जो एटा, कानपुर, फर्रुखाबाद व कन्नौज के रहने वाले हैं।