छिबरामऊ। नगर क्षेत्र में और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार की शाम को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और खलिहानों में रखी फसलों को तहस-नहस कर दिया है। कुदरत की इस मार से क्षेत्र का अन्नदाता बेबस नजर आ रहा है।
आसमान में शाम को काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ गिरे बेर के आकार के ओलों ने गेहूं, सरसों और आलू की फसल को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में खेतों में सफेद चादर बिछ गई। स्थानीय किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल इस समय पकने की कगार पर थी, लेकिन तेज हवा और ओलों के कारण फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे दानों के काले पड़ने और उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। वहीं, सरसों की तैयार फसल झड़ गई है। आलू बेल्ट कहे जाने वाले इस क्षेत्र में आलू की खुदाई का काम भी प्रभावित हुआ है, जिससे खेतों में भरे पानी के कारण कंद सड़ने का डर सता रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अगले दो-तीन दिन में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।