कन्नौज। रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन भवन की शटरिंग टूटने से 26 मजदूरों के घायल होने के मुकदमे में जीआरपी ने शटरिंग ठेकेदार हनीफ की तलाश में बरेली में दबिश मारी। घर पर पत्नी और बच्चे मिले। हनीफ भाई के साथ फरार चल रहा है। भाई की पत्नी व बच्चे भी उसके घर में ही मिले।
पीएम गति शक्ति रेलवे के अधिशासी अभियंता विपुल माथुर ने ठेकेदार रामविलास राय व इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा के खिलाफ फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि 11 जनवरी का रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन भवन शटरिंग टूटने से धराशायी हो गया। मलबे में दबकर 26 मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद मौके पर मौजूद जनपद बरेली गांव दीदारपट्टी निवासी शटरिंग ठेकेदार मोहम्मद हनीफ फरार हो गया था।
मुकदमे की विवेचना कर रहे जीआरपी चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी व एसओ संदीप तोमर ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मजदूरों के बयान दर्ज किए। मजदूरों ने बताया कि शटरिंग ठेकेदार ने लोहे के गर्डर की जगह बल्लियां लगा दी थी। इसका विरोध भी किया था। ठेकेदार मनमानी से काम करवाता रहा। इस कारण हादसा हुआ। विवेचक ने विवेचना में ठेकेदार मोहम्मद हनीफ को मुख्य आरोपी बनाया गया। जीआरपी की टीम को पूछने पर पत्नी ने बताया कि हनीफ व देवर घटना के बाद घर नहीं आए हैं। जीआरपी ने परिजनों को हनीफ के न मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। एसओ संदीप तोमर ने बताया कि शटरिंग ठेकेदार की तलाश में दबिश दी गई। पत्नी व बच्चे घर में मिले। हनीफ भाई सहित घर से फरार चल रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।