तालग्राम(कन्नौज)। कस्बे की निजी पैथोलॉजी में डेंगू जांच के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। डॉक्टरों, पैथोलॉजी संचालकों की सांठगांठ से डेंगू और मलेरिया के मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम बताई जा रही है। ऐसे में मरीज के परिजन परेशान हो जाते हैं। संचालक मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती करा देते हैं। यहां इन्हें मोटा बिल थमा दिया जाता है।
इस समय डेंगू और मलेरिया को लेकर लोगों में दहशत है। सीएचसी और पीएचसी से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। मरीज को डेंगू की आशंका में प्लेटलेट्स की जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि निजी चिकित्सकों की मिलीभगत से पैथोलॉजी संचालक प्लेटलेट्स की संख्या कम बता देते हैं। इससे मरीज डर जाता है। निजी चिकित्सक मरीज को कई दिन भर्ती रखकर मोटा बिल बना देते हैं।
अमोलर की मिथिलेश ने बताया कि बुखार आने पर पैथोलॉजी में खून की जांच कराई थी। उन्हें प्लेटलेट्स की संख्या 69 हजार बताई गई। उसी दिन दूसरी पैथोलॉजी की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स सामान्य बताई गईं। ऐसे में ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से निजी पैथोलॉजी पर छापा मार कर जांच करने की मांग की है। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉक्टर इरशाद का कहना है कि सामान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। बीमार लोगों को सरकारी अस्पताल की लैब में जांच करानी चाहिए। निजी पैथोलॉजी संचालक लोगों को गुमराह कर देते हैं।