पाइप पेयजल परियोजना की फाइल फोटो।
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जिले में संचालित 61 पाइप पेयजल परियोजनाएं हाई व लो वोल्टेज का शिकार हो रही हैं। पिछले दिनों जिला पंचायत में आयोजित बैठक में सदस्यों ने अपर मुख्य अधिकारी को ठठिया पाइप पेयजल परियोजनाओं में कई दिनों से मोटर फुंकी होने पर घेरने का प्रयास किया था, लेकिन तब सभागार में कोई भी विभागीय अधिकारी नहीं था। इन परियोजनाओं को काफी पहले जल निगम हैंडओवर कर चुका है, लेकिन ग्राम पंचायतें इनको अब भी सही ढंग से क्रियान्वित नहीं कर पा रही हैं।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए सपा सरकार ने कन्नौज जिले में अरबों रुपये की लागत से 61 पाइप पेयजल परियोजनाएं निर्मित कराई थी। गर्मी का सीजन शुरू होते ही ग्रामीण फीडरों पर लो व हाई वोल्टेज की समस्या शुरू हो गई है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। टंकी न भर पाने के कारण ग्रामीणों को जलापूर्ति समय से नहीं मिल पा रही। इसके अलावा ग्राम पंचायत के आपरेटरों को नियुक्त किए जाने से भी तमाम समस्याएं बढ़ी हैं। आपरेटर मोटर खुला छोड़कर गांव चले जाते हैं, जिससे कई बार मोटर की देखरेख न होने से वह फुंक जाती हैं।
जिला विकास अधिकारी एके वैश्य का कहना है कि पेयजल परियोजनाओं के लिए प्रशासन गंभीर है। पेयजल की समस्या से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मंगलवार को जल निगम व हाईडिल कन्नौज व छिबरामऊ के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अफसरों की बैठक बुलाई गई है। इसमें दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। जल निगम के सहायक अभियंता अरविंद त्रिपाठी का कहना है कि विभाग यह परियोजनाएं ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर चुका है। इसके बावजूद यदि कहीं पर गड़बड़ी आती है तो तत्काल ठीक कराया जाता है। ग्राम पंचायतों पर काफी धनराशि बकाया हो चुकी है। वह अभी तक विभाग को नहीं मिल पाई है।