सीओ तिर्वा से नोकझोंक करते व्यापारी।
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कस्बे के गांधी चौक चौराहे पर सोमवार को अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यापारी को कथित रूप से सीओ अंबरीष कुमार भदौरिया के गाली देने से मामला गरमा गया। व्यापारियाें ने दुकानें बंद कर गांधी चौक चौराहे पर जाम लगा दिया। सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम से तिर्वा-कन्नौज व तिर्वा-बेला मार्ग पर करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
सूचना पाकर एसडीएम राजेश कुमार यादव, तिर्वा कोतवाल आलोक कुमार यादव, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों को देख व्यापारियाें की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। आरोप लगाया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी ने धूप से बचाव के लिए पॉलिथीन तान रहे व्यापारी के साथ गाली-गलौज की। सीओ व उनका स्टाफ अक्सर गांधी चौक चौराहे पर अतिक्रमण हटवाने के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। एसडीएम व कोतवाल ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, पर व्यापारी नहीं माने।
सूचना पाकर व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष हाजी हनीफ ठेकेदार के अलावा कई भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए। सीओ भी मौके पर पहुंचे। सीओ को देख व्यापारियों ने उन्हें घेर लिया। कुछ युवा व्यापारी उनसे नोक-झाेंक करने लगे। सीओ का कहना था कि उन्होंने किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है। न ही किसी व्यापारी को गालियां दी। उन्होंने सिर्फ चेतावनी दी थी कि निर्धारित मानक के आगे कोई व्यापारी अपनी दुकान नहीं लगाएगा। करीब आधा घंटे तक चले अफरातफरी के माहौल के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व तहसील प्रशासन के मध्य सुलह हो गई। इस पर व्यापारियों ने जाम खत्म कर दिया।
एसडीएम के समर्थन में की नारेबाजी
तिर्वा। रोड जाम के दौरान आक्रोशित व्यापारियों ने जहां एसडीएम तिर्वा व कोतवाल तिर्वा के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए तो सीओ तिर्वा के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली। व्यापारियों के गुस्से को देख एसडीएम ने सीओ तिर्वा को समझाया। तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
मानक के विपरीत न जाएं व्यापारी
तिर्वा। तहसील प्रशासन व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के मध्य हुई वार्ता के बाद एसडीएम ने व्यापारियों को बताया कि कोई भी व्यापारी निर्धारित सरकारी नाला के बाद अपनी दुकान नहीं लगाएगा। धूप से बचाव के लिए व्यापारी पॉलिथीन लगा सकते हैं। कोई भी व्यापारी अपनी दुकान के आगे ठेली व अन्य दुकान नहीं लगवाएगा। इस पर व्यापारियों ने अपनी सहमति जताते हुए तहसील प्रशासन को मानक के विपरीत कोई काम न करने का भरोसा दिलाया।