तालग्राम। ग्रामीण क्षेत्र में घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के दावों की पोल खुलकर सामने आ रही है। टेली मेडिसिन व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ब्लॉक के 28 आयुष्मान आरोग्य मंदिर 13 एएनएम के भरोसे संचालित है। पांच आरोग्य मंदिरों में अभी तक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की तैनाती नहीं हुई जबकि आठ सीएचओ का स्थानांतरण हो गया है।
ब्लॉक में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले गए। एक साल बाद इन सेंटरों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में तब्दील कर दिया गया। प्रत्येक केंद्र पर एक सीएचओ की तैनाती होनी थी पर ज्ञानपुर, सकरहनी, अंदौआ, निकवा, मलिकपुर में सीएचओ की अभी तक तैनाती नहीं हुई है। रसूलाबाद के कयूम खान स्थानांतरण कराकर सौरिख चले गए।
वहीं, सिलुआपुर के पंकज यादव, रोहली के दीपेंद्र स्वामी और भैंसियापुर के प्रमोद का स्थानांतरण हो गया है। सरायप्रयाग के डिंपल अवस्थी का पीजीआई में चयन हो गया था। तब से इन सेंटरों पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी-पीएचसी जाना पड़ रहा है। सीएचओ डॉ. कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि सिलुआपुर, रोहली, भैंसियापुर के सीएचओ का आपसी सामंजस्य से स्थानांतरण हुआ है। वहां जल्द ही सीएचओ की तैनाती की जाएगी। शेष सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
फोटो :01: फिरोजपुर आरोग्य मंदिर पर लगा ताला। संवाद
दो साल से बंद फिरोजपुर केंद्र
फिरोजपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर अप्रैल 2023 से बंद है। यहां तैनात सीएचओ विवेक का चयन पीजीआई सैफई हो गया था। इसके बाद से अब तक किसी की तैनाती नहीं की गई। इसके चलते सेंटर बंद है। यहां की पांच हजार आबादी को पीएचसी अमोलर-बैसापुर के चक्कर काटना पड़ रहा है।
फोटो :02: माधौनगर में बंद आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद
ढाई साल से जनता परेशान
माधौनगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सीएचओ श्वेता की तैनाती थी। उन्होंने तैनाती के कुछ समय बाद गृह जनपद स्थानांतरण करा लिया। इसके बाद से तैनाती नहीं हो सकी। इससे यहां की 2500 की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे।
फोटो :03: बंद सकरहनी का आयुष्मान मंदिर। संवाद
आज तक तैनात नहीं हुआ सीएचओ
सकरहनी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आज तक सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है। इससे भवन शोपीस बनकर रह गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति कितनी सजग है। इस पंचायत के गढ़िया, रघुनाथपुर, विदीपुर्वा, खदरी आदि गांवों में छह हजार की आबादी को अमोलर जाना पड़ता हैं।