आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस दुर्घटना के बाद जांच करते एआरटीओ कार्यालय के आरआई जितेंद्र सिंह।
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कन्नौज। एक्सप्रेसवे पर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई बिहार के श्रमिकों से भरी बस में छह कमियां मिली हैं। आरटीओ प्रवर्तन कानपुर की अगुवाई में टीम जांच कर रही है। बागपत की ट्रैवल एजेंसी की इस बस की फिटनेश जांच कर को 2018 में बागपत एआरटीओ कार्यालय ने परमिट जारी किया था।
बिहार से दिल्ली से जा रही स्लीपर बस रविवार सुबह पांच बजे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सौरिख के पास खड़ी कार में टक्कर मारकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में चालक समेत छह सवारियों की मौत होने के साथ 40 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे। सोमवार को आरटीओ प्रवर्तन कानपुर राकेश कुमार के नेतृत्व में एआरटीओ कन्नौज संजय कुमार झा, पीटीओ रामबाबू और आरआई जितेंद्र कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बस की नापजोख के साथ 10 बिंदुओं की जांच की। इसमें बस की लंबाई 12 मीटर की जगह 13 मीटर मिली।
बस में आपातकालीन द्वार भी नहीं था। रियर विंड स्क्त्रस्ीन (पीछे का शीशा) पर लोहे की चादर लगी हुई थी। 26 स्लीपर और 16 सीट की जगह 92 सीट मिली है। इससे टैक्स चोरी भी की जा रही थी। हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया गया है। टेकिभनकल मुआयने में बस के तेज गति होने की बात सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि अगर बस की गति धीमी होती, तो शायद इतना बड़ा हादसा न होता। एआरटीओ संजय कुमार झा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जल्द जांच रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
ट्रैवल प्वाइंट वर्ल्ड एलएलपी कंपनी के नाम की है बस
कन्नौज। हादसे का शिकार हुई डबल डेकर बस ट्रैवल प्वाइंट वर्ल्ड एलएलपी वेद विहार कालोनी बागपत के नाम परिवहन विभाग में पंजीकृत है। मंगोलपुर खुर्द शॉप नं 5, प्रथम फ्लोर फर्नीचर मार्केट दिल्ली और आनंद विहार इलाके में बनाए गए अस्थायी कार्यालय से बस का संचालन बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक के कई शहरों तक होता था। ऑनलाइन भी बस टिकट बुक करने के लिए कई इंटरनेट दुकानदारों से ट्रैवल कंपनी ने सेटिंग बना रखी थी।