एफएफडीसी में प्रशिक्षण लेते व्यापारी।
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कन्नौज। देश में अगरबत्ती, धूपबत्ती और हवन सामग्री के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन व्यापारियों ने फूलों से तेल निकालने के बाद भी उनके प्रयोग का प्रशिक्षण लिया।
एफएफडीसी में 24 फरवरी से देश के दस राज्यों से आए 22 व्यापारियों का अगरबत्ती, धूपबत्ती और हवन सामग्री बनाने का प्रशिक्षण शुरू हुआ था। इसका शुक्रवार को समापन हुआ। इस दौरान प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला ने व्यापारियों ने बताया कि वह लोग गुलाब, बेला, चमेली और मेहंदी के फूल का तेल निकाल सकते हैं। इसके बाद फूलों के अवशेषों को सुखाकर पाउडर बनाकर अगरबत्ती, धूपबत्ती और हवन सामग्री में प्रयोग कर सकते हैं। प्रोडक्ट बनने के बाद इन फूलों के तेल का मिश्रण कर खुशबू भी डाल सकते हैं।
वहीं, एके बघेल ने अगरबत्ती, धूपबत्ती और हवन सामग्री के प्रयोग में आने वाले कच्चे तेल के बाजारों के बारे में व्यापारियों को जानकारी दी। इस दौरान आमोद प्रताप सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह मौजूद रहे।