राशन कार्ड की सूची में नाम न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा
किया। इस दौरान एक घंटे तक तिर्वा-ठठिया मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित
रहा। कोटेदार एवं पूर्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जिला पूर्ति
अधिकारी संतोष सिंह मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेरकर शिकायतों की
झड़ी लगा दी।
बाद में डीआईओएस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर प्रदर्शनकारियों
को शांत कराया। मंगलवार सुबह इंद्रेश्वरनाथ मंदिर के पास गांव ठठिया,
बहादुरापुर, रंगियनपुरवा, बल्लपुरवा, रिक्खापुरवा, मधईपुरवा, पुरानी ठठिया,
इनायतपुर, चौहाननपुरवा, कृपालपुरवा, वसावनपुरवा, रामपुर, होलेपुर,
टिकौरियनपुरवा, कुरियाना सहित करीब 16 गांवों के लोग इकट्ठा हो गए।
भारी
भीड़ के सड़क पर इकट्ठी होने से ठठिया-तिर्वा मार्ग करीब एक घंटे तक वाहनों
को निकलने में परेशानी हुई। सूचना पर डीएसओ मौके पर पहुंचे तो लोगों ने
उन्हें भी घेरकर नाराजगी जतानी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि कोटेदारों ने
पूरी लिस्ट ही नहीं चस्पा की हैं। घटतौली भी की जा रही है।
मिट्टी का तेल
एक महीना छोड़कर अगले महीने में दिया जाता है। यानि दो महीने में एक बार
बांटा जाता है। प्रधान सुभाष चंद्र दोहरे ने कहा कि कोटेदार उनकी बात नहीं
मानकर मनमानी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि उनकी ग्राम सभा में हर महीने
मिट्टी का तेल भी नहीं बंटता है।
इस दौरान डीएसओ ने बताया कि वर्ष 2011 की
जनगणना के अनुसार ठठिया की कुल आबादी 16 हजार आंकी गई है। आबादी के हिसाब
से 80 फीसदी लोगों को ही राशन मिलना है। बताया कि 12 हजार लोग पात्र होंगे,
जिसमें 7,500 लोगों की लिस्ट आ चुकी है। शेष लोगों की लिस्ट जल्द आएगी।
इसके बाद उन्होंने एक-एक करके लोगों के बयान दर्ज किए। उनकी शिकायत सुनी।
आश्वासन दिया कि बयानों के आधार पर दोषी कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। जो पात्र नाम लिस्ट में छूटे हैं उन्हें जोड़ा जाएगा। सभी लोगों को
राशन मिलेगा। कहा कि हर महीने मिट्टी का तेल बंटवाया जाएगा। महीने में किसी
भी दिन जाने पर राशन मिलेगा।
कहा कि दुकान भी नियमित तौर पर
खुलवाएंगे। प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि राजन अवस्थी,
विमल तिवारी, जयवीर सिंह दोहरे, मदन अग्निहोत्री, उमेश कमल, जगदीश दोहरे,
रामकुमार, मो. अकरम, शमशाद, कमलेश, राकेश, शिवम दुबे, सुनील कुशवाहा और
रामबाबू आदि मौजूद थे।