स्वामी विवेकानंद की 153वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई
गई। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश
डालने के साथ उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
सुप्रभाष
अकादमी में स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण, सरस्वती पूजन और
वंदना से कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। स्वामीजी आधारित प्रश्नोत्तर
प्रतियोगिता में जीते बच्चों को पुरस्कृत किया गया। अकादमी के प्रबंधक
इंजीनियर सुप्रभाष सक्सेना ने कहा कि बच्चों को स्वामीजी की तरह ऊर्जावान
और बुद्धिमान बनना होगा।
तभी वह देश को सिरमौर बनाए रख सकेंगे। सरस्वती
विद्यामंदिर उ.मा. विद्यालय में स्वामीजी पर आधारित भाषण प्रतियोगिता में
छात्र शिवम दुबे को प्रथम, उदित प्रदीप दुबे को द्वितीय और वैष्णवी यादव को
तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सभी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में रामानंद वर्मा, शिवाजी दुबे, सत्य बहादुर चतुर्वेदी,
शिवकुमार सिंह चौहान व रामप्रकाश अग्निहोत्री ने स्वामीजी के जीवन पर
प्रकाश डाला। अंत में प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने आगंतुकों के प्रति
आभार जताया। नेहरू पीजी कालेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता
इंजीनियर सुप्रभाष सक्सेना ने स्वामीजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर
प्रकाश डाला।
अभिव्यक्ति की संयोजक डॉ. बबिता यादव एवं प्राचार्य डॉ. अजिता
त्रिपाठी अवस्थी ने भी विचार रखे। छात्र-छात्राओं को स्वामी जी पर आधारित
डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। अंकुर इंटर नेशनल स्कूल में आयोजित
कार्यक्रम में संस्थापक मनीष यादव डंपी, प्रधानाचार्य डॉ. व्यास यादव, डॉ.
प्रिया, प्रभात यादव ने स्वामीजी के जीवन पर प्रकाश डाला।
सरोजनी देवी
नेत्र अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. प्रत्यूष द्विवेदी एवं आरएसएस
के जिला कार्यवाह रजनीश दुबे ने स्वामीजी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस
दौरान गौरव दुबे, विकास, अरविंद शंखवार, उदित, डॉ. अनुराग दुबे, विष्णु
स्वरूप, गगन, रामबाबू, ब्रजभूषण, शिवम एवं सुशील आदि मौजूद थे।