पछुआ हवाओं की मार ने आम आदमी को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी से लोग बेहाल हैं। गुरुवार की सुबह से तेज धूप ने गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया। वहीं, पछुआ हवाओं के बीच नौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं से लोग परेशान हैं। दिनभर व्यस्त रहने वाली सड़कों पर गर्मी के कारण सन्नाटा पसरा है। दूर-दूर तक लोग नजर नहीं आ रहे थे।
सड़क के कि नारे लगे पेड़, दुकानदारों के सामने टीन शेड के नीचे लोग आराम करते नजर आए। सवारी वाहन भी जैसे कहीं गुम हो गए हो, आम दिनों में एक चौराहे से तकरीबन हर 10 मिनट में 7-8 टेंपो व मैजिक निकलते हैं। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक शहर और जीटी रोड पर दोपहिया वाहन दिखाई ही नहीं दे रहे थे। दुकानाें पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. विजय दुबे ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 40.02 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा। गुरुवार की आर्द्रता भी अधिकतम 77 तो न्यूनतम 31 दर्ज की गई।
डॉ. राजनारायण वर्मा ने कहा कि ऐसे मौसम में फुल शर्ट पहन कर घर से निकले व आंखों को गर्म लपटों से बचाने के लिए नेत्र चिकित्सक के सुझाए चश्मे का प्रयोग करें। जिससे इन गर्म हवाओं का आंख पर असर न हो। उन्होंने शहरवासियों से बाजार के बाहरी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी। साथ ही हल्का भोजन करने की बात कही। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो और किसी भी तरह की बीमारी से भी बचा जा सके।