तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर भाजपा नेता अरुण कुमार सिंह जनसेवक की कोतवाल व एसएसआई से तीखी नोकझोंक हुई। उन्होंने कोतवाली में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। पुलिसकर्मियों पर सपाई मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता का कहना था कि एक मुकदमा लिखने के लिए क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदेश करेंगे।
बुधवार को भाजपा नेता अरुण कुमार सिंह राठौर जनसेवक ने कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक राजबहादुर सिंह को बताया कि धोखाधड़ी की तहरीर मंगलवार को कोतवाली में दी थी। अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोतवाल ने बताया कि उस मामले की जांच की जा रही है। इस पर भाजपा नेता भड़क गए और पुलिसकर्मियों पर सपाई मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया।
उसी दौरान एसएसआई बसंतराम कुशवाहा भी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने भाजपा नेता को समझाने का प्रयास किया तो उनसे भी नोकझोंक हुई। इस दौरान कोतवाली में क्षत्रिय समाज के कई नेता भी मौजूद थे। भाजपा नेता राजीव दुबे के हस्तक्षेप के बाद कोतवाल ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले की जांच से पहले ही मुकदमा दर्ज कराएंगे। यदि मामला फर्जी पाया गया तो वादी के खिलाफ 182 का मुकदमा भी कायम होगा।
क्या था मामला
भाजपा नेता अरुण कुमार सिंह जनसेवक ने जो तहरीर दी थी, उसमें बताया गया था कि शहर में सीपीएस सिनेसाइन कांपलेक्स के नाम से फर्म है। उन्होंने सिनेमाघर में एसी लगवाने के लिए कानपुर की एक फर्म को ठेका दिया था। अनुबंध के तहत उन्होंने सारी धनराशि फर्म को अदा कर दी। इस दौरान उन्होंने फर्म को ब्लैंक चेक दिए थे। धनराशि अदा होने के बाद फर्म ने चेक नष्ट न करके उनमें धनराशि भर ली और पैसे निकाल लिए। इसके बाद कानपुर में न्यायालय के आदेश पर उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसी फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर उन्होंने पुलिस को दी थी। कोतवाल ने बताया कि मामला कानपुर का है। फिर भी उनके ऊपर मुकदमा लिखने को दबाव बनाया जा रहा है।