कन्नौज। मेडिकल कालेज में पिछले चार दिन में अचानक ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। बुधवार को बुखार व सांस के करीब 56 मरीज पहुंचे। आइसोलेशन में 55 लोग हैं। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। ऐसी मांग से मेडिकल कालेज व जिला प्रशासन दोनों सकते में हैं। मंगलवार रात ऑक्सीजन की खेप आई। बुधवार सुबह तक सौ सिलिंडर आ चुके हैं।
ऑक्सीजन की कमी से मंगलवार को हुईं चार मौत और वायरल वीडियो ने मेडिकल कालेज और जिला प्रशासन को व्यवस्था को लेकर चिंता में डाल दिया है। मेडिकल कालेज प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार और डीएम राकेश कुमार मिश्र ने कानपुर व हमीरपुर के अधिकारियों से बातचीत कर सिलिंडर की आपूर्ति करा ली। पिछले 24 घंटे में करीब डेढ़ सौ सिलिंडर आ चुके हैं। रात तक हमीरपुर से और भी सिलिंडर आने की उम्मीद है। इधर, बुधवार को मेडिकल कालेज में सांस व बुखार के काफी संख्या में रोगी पहुंचे हैं। रोगियों की हालत देख मेडिकल कालेज रेफर करने की बजाय भर्ती कर उपचार दे रहा है।
जांच तो दूर, इंचार्ज हो गए संक्रमित
मंगलवार को ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने से चार मरीजों की मौत के मामले में मेडिकल कालेज प्रशासन ने जांच शुरू कराई। थोड़ी ही देर में पता चला कि इंचार्ज दोनों डॉक्टर संक्रमित हो गए हैं। प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि एक डॉक्टर को आइसोलेट और दूसरे को इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा है। इंचार्ज से रिपोर्ट ले ली है। ऐसे में अभी जरूरी है कि मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता कम न होने दी जाए। कानपुर और हमीरपुर दो जिलों से सिलिंडर का अनुबंध हुआ है। हर दिन खपत पूरी होते ही सिलिंडर मिल जाने का भरोसा मिला है।
डीएम खुद करा रहे मामले की जांच
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी से मौत मामले की वह अपने स्तर से भी जांच करा रहे हैं। यह जानने का प्रयास किया जा रहा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। प्राचार्य, सीएमएस से इस संबंध में बात की गई है। अब आगे से यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी न पड़े। मरीजों की बढ़ रही संख्या में ऑक्सीजन की मांग वाले ज्यादा मरीजों का निकलना चिंता का विषय जरूर है।