सदर तहसील में सोमवार को खसरा खतौनी के लिए किसानों ने जमकर हंगामा किया। शोर सुनकर पहुंचे एसडीएम ने कर्मचारियों को फटकार लगाई और शिकायत पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
क्षेत्र से खसरा-खतौनी निकलवाने के लिए भूलेख कार्यालय पहुंचे किसानों ने कर्मचारियों से ताला खोलने को कहा। कर्मचारियों ने सर्वर आने पर ताला खोलने की बात कही। समय ज्यादा हो जाने पर जब कई किसानों को खसरा-खतौनी नहीं निकली तो किसान भड़क गए, और हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर सदर एसडीएम रामगोपाल भी मौके पर पहुंच गए, उन्हाेंने कर्मचारियों को आवाज देकर ताला खुलवाया और खतौनी न निकलने का कारण पूछा।
कर्मचारियों ने कंप्यूटर के साफ्टवेयर में गड़बड़ी होना बताया। इसकी वजह से दस्तावेजों का प्र्रिंट सही नहीं रहा है। एसडीएम ने कर्मचारियों की जमकर क्लास ली। एसडीएम वहां से तत्काल सदर तहसील परिसर में बने एनआईसी कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारी से कंप्यूटर ठीक कराने की बात कही। कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आगे से दोबारा शिकायत सुनने को मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
इधर, सदर तहसील क्षेत्र के गांव भुलियापुर निवासी सुरजीत सिंह और संदीप ने बताया कि वह कई दिनों से खतौनी के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कर्मचारी रोज कोई न कोई बहाना बताकर वापस कर देते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अतिरिक्त चार्ज देने पर खतौनी निकालकर दे दी जाती है। वहीं, सलेमपुर निवासी नरेश, मिश्रीपुर निवासी सूरज, गांव भाउखुर्द निवासी रामकिशन और गांव राजपुर निवासी विश्राम सहित अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन उन्हें परेशान किया जाता है।