एसडीएम शालिनी प्रभाकर के खिलाफ वकीलों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरे दिन गुरुवार को वकीलों ने तहसील परिसर में घूम-घूम कर एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम कोर्ट के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। वकीलाें ने तहसील के कार्यालयों को बंद करा दिया। वकीलों के जाने के बाद ही इन दफ्तरों के ताले खुले।
बार एसोसिएशन व लायर्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को वकीलों की बेमियादी हड़ताल जारी रही। सुबह नौ बजे के करीब एसडीएम शालिनी प्रभाकर , तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी , नायब तहसीलदार रामकरन वर्मा अपने दफ्तरों में पहुंचे और कामकाज शुरू किया। सुबह 10:30 के करीब जब दोनों अधिवक्ता संघों के वकीलों ने एकजुट होकर नारेबाजी शुरू की। तो एसडीएम समेत सभी अधिकारी अपने कार्यालयों से चले गए।
सबसे पहले वकीलों ने एसडीएम कोर्ट व उनके दफ्तर में ताला डलवा दिया। इसके बाद तहसील सभागार, राजस्व निरीक्षक कार्यालय, संग्रह अमीन कार्यालय , नायब तहसीलदार कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट व कार्यालय में भी ताले डलवा दिए। इसके बाद वकीलाें ने पूरे तहसील परिसर में घूम-घूम कर नारेबाजी की। कुछ देर के लिए सभी अधिवक्ता तहसील गेट से निकलकर बाहर सड़क पर पहुंचे। रोड जाम के लिए आम सहमति न बन पाने के कारण सभी अधिवक्ता पुन: तहसील परिसर में आ गए। यहां एसडीएम कोर्ट के बाहर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरवेंद्र यादव, लायर्स बार के अध्यक्ष रामगोपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश शुक्ला, परमानंद तिवारी, हरिशंकर राजपूत, राजेश श्रीवास्तव, कलक्टर सिंह यादव, रामरतन पाल, कमलेश पाल, ने एसडीएम की कार्यप्रणाली की आलोचना की। उधर, दो बजे के करीब जब वकील चले गए तब कहीं जाकर कर्मचारियाें ने अपने दफ्तरों के ताले खोले और कामकाज शुरू किया।
रजिस्टर्ड डाक से डीएम को भेजा ज्ञापन
तिर्वा। एसडीएम के खिलाफ शुरू हुई वकीलाें की हड़ताल के दौरान गुरुवार को डीएम से प्रतिनिधि मंडल को मिलना था। कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं के आज तहसील न आने की वजह से डीएम से प्रस्तावित वार्ता को टाल दिया गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरवेंद्र यादव ने बताया कि शुक्रवार को वकीलाें का प्रतिनिधि मंडल जिला मुख्यालय पर डीएम से भेंट करेगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को वकीलों की ओर से एक ज्ञापन रजिस्टर्ड डाक के जरिए डीएम को भेजा गया है।