शहर के तालग्राम रोड स्थित सिटी चिल्ड्रेंस एकेडमी परिसर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को देश प्रेम से ओतप्रोत कर दिया।
इस दौरान शहर के दो वरिष्ठ कवियों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया। राजस्थान के धौलपुर से आए वीर रस के कवि राजवीर सिंह क्रांति ने आतंकी घटनाओं पर पाकिस्तान को ललकारते हुए रचना पढ़ी ...सूरज सा है तेज तुम्हारा, चंद खांद हो जाने दो, अलसाए हैं सिंह जगा दो, बंद माद हो जाने दो, अरि का वक्ष हाड़ लहू से धो डालेंगे, दागों को बच्चा-बच्चा कहता मोदी शंखनाद हो जाने दो।
ओज के वरिष्ठ कवि दादा विश्वनाथ द्विवेदी ने ...जवानी खिलखिलाते फूल से श्रंगार करती है, जवानी नूपुरों में भी मधुर झंकार भरती है, अगर सोती जवानी तो घरा सुनसान होती है, जवानी जागती तो पूरा हिंदुस्तान होती है रचना पढ़ी। ओमप्रकाश शुक्ल अज्ञात ने ...प्यार ने पुकारा इंद्र जाल हुई जिंदगी, प्यार ने नकारा तो सवाल हुई जिंदगी, जिंदगी के रंग यूं तो देखे हैं हजार किंतु, माटी ने पुकारा तो मशाल हुई जिंदगी रचना पढ़कर लोगों को उत्साहित किया।
कुरावली मैनपुरी के वीर रस के कवि मनोज चौहान ने लक्ष्य संघान कर लेंगे तो फिर चुकने नहीं देंगे, कदम आगे बढ़ाएंगे तो फिर रुकने नहीं देंगे भले ही देश रक्षा में यह मेरे प्राण ही निकले तिरंगा शान से लहराएगा, झुकने नहीं देंगे रचना पढ़ देश भक्ति के प्रति लोगों में जज्बा भरा। मैनपुरी के गीतकार सतीश मधुप के संचालन में हुए कार्यक्रम में कायमगंज के गीतकार पवन बाथम, अलीगढ़ की अनमोल चौहान, आगरा के गयाप्रसाद मौर्य रजत और कार्यक्रम के संयोजक देवेश दीक्षित ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर सभी को रोमांचित किया।
हास्य व्यंग कवि सिकंदरा राऊ हथरास के देवेंद्र दीक्षित सूल ने अपनी हास्य व्यंग से जुड़ी रचनाएं सुनाकर लोगों को लोटपोट कर दिया। कार्यक्रम के दौरान दादा विश्वनाथ द्विवेदी, ओमप्रकाश शुक्ल अज्ञात को शाल ओढ़ाकर कार्यक्रम के संयोजक देवेश दीक्षित,सीसीए के चेयरमैन प्रदीप प्रधान ने सम्मानित किया।