कन्नौज। कोरोना कर्फ्यू के बाद बाजार खुलने पर भी टमाटर की खेती करने वाले किसान बेहाल हैं। 12 रुपये प्रति किलो लागत वाले टमाटर को खेत में पहुंचे व्यापारी दो रुपये में खरीद रहे हैं। ऐसे में इन्हें तगड़ा घाटा हो रहा है। जलालपुर पनवारा इलाके के जगतपुर गांव के परेशान किसानों ने गुरुवार को टमाटर कूड़े में फेंक दिए।
जगतपुर गांव में करीब दो सौ बीघा में टमाटर की खेती होती है। बाजार में टमाटर दस रुपये किलो बिक रहा है। इसमें भी नुकसान है। खेत से बाजार तक टमाटर ले जाने में भाड़ा और पड़ जाता है। ऐसे में लागत तो दूर, पूरा दिन बेकार चला जाता है। किसानों के मुताबिक एक बीघा टमाटर की फसल में करीब छह हजार रुपये लागत आती है। इसमें 550 रुपये का बीज, 1200 का पानी, 600 की जुताई, 400 की पौध लगाने की मजदूरी, 400 की खाद, 600 की निराई, 2000 की कीटनाशक दवा और 300 का अन्य खर्च है। एक बीघा खेत में करीब सौ कैरट टमाटर होता है। एक कैरट में 20 से पचीस किलो टमाटर आता है।
मौजूदा समय में एक कैरट 50 से 60 रुपये में बाजार में जा रही है। यही कैरट आम दिनों में 300 रुपये में बिकती थी। किसानों के मुताबिक बार मंदी ने किसानों की हालत खराब कर दी है। खेत खाली करने के लिए टमाटर बेचने की बजाय फेंक रहे हैं।