पुलिस लाइन के सभागार में मौजूद रैपिड एक्शन टीमें और पुलिसकर्मी।
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कन्नौज। कोरोना वायरस से निपटने की लड़ाई में अब चिकित्सकों के साथ पुलिस विभाग भी शामिल हुआ है। अगर कोई मरीज कोरोना वायरस का मिलता है तो उसका पुलिस की निगरानी में उपचार चलेगा। पुलिस की यह टीमें जन जागरुकता अभियान भी चलाएंगी। पुलिस अधिकारियों के साथ चिकित्सकों ने पुलिस लाइन में थानास्तर पर गठित की गई रैपिड एक्शन टीमों के साथ अन्य पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
डीजीपी के निर्देश पर एसपी अमरेंद्र प्रसाद ने सभी थानों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए रैपिड एक्शन टीमों का गठन किया है। मंगलवार दोपहर एसपी की अध्यक्षता में कोरोना वायरस को लेकर टीमों को प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. केसी राय ने टीमों को कोरोना वायरस के लक्षणों और सावधानी के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि कई शहरों में कोरोना पीड़ित और इसके लक्षण वाले मरीज इलाज के दौरान आइसोलेशन वार्ड से भाग गए हैं। अगर किसी भी क्षेत्र में मरीज मिलता है तो थाने की रैपिड एक्शन टीम मरीज की निगरानी करेगी।
चिकित्सकों के साथ सहयोग के लिए पुलिस टीम भी मुस्तैद रहेगी। विदेशों से लौटने वाले लोगों की जानकारी कर परीक्षण कराया जाएगा। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में जागरुकता के लिए पुलिस की ओर से पोस्टर लगाए जाएंगे। एसपी ने कहा कि कोरोना को रोकने में पुलिस से महत्वपूर्ण अपेक्षाएं हैं। सभी को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी को मास्क, सूट, बूट व अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस दौरान एएसपी विनोद कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति और मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह मौजूद रहे।