कन्नौज। जिले के श्रमिक हकों से वंचित हैं। ज्यादातर को श्रम विभाग में पंजीयन की मालुमात नहीं है। कुछ ने किसी के कहे सुने पंजीयन करा भी लिया तो किसी योजना का लाभ नहीं मिला। बड़ी तादाद में मजदूरों ने पंजीयन का नवीनीकरण ही नहीं कराया। इससे यह लॉकडाउन में मिलने वाली सरकार की मदद से वंचित रह गए। वहीं जिले के श्रमिक मजदूर दिवस पर भी काम में जुटे रहे।
जीटी रोड स्थित मौसमपुर मौरारा में श्रमिक रोज की तरह काम कर रहे थे। मजदूर दिवस और श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में पूछने पर सबका अलग जवाब था। पैंदाबाद के सर्वेश ने मुताबिक मजदूर दिवस के बारे में जानकारी नहीं है। न ही श्रम विभाग में पंजीयन की जानकारी है। मोहल्ला सफदरगंज के मोहम्मद आजम ने बताया कि श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में नहीं पता है। डहलेपुर के राजेश ने बताया कि पेट की खातिर सुबह घर छोड़ देते हैं। शाम को लौटते हैं। इससे रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए। शेखाना के मोहम्मद अरशद ने बताया कि श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाया था। एक वर्ष से अधिक समय बीत गया। किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है।
47,500 में 15,374 ने कराया पंजीयन का नवीनीकरण
जिले में करीब दो लाख श्रमिक हैं। पंजीकरण 47500 का है। डेढ़ लाख से ज्यादा श्रमिकों को श्रम विभाग में पंजीयन की जानकारी नहीं है। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। नवीनीकरण कराने वाले 15,374 श्रमिकों को ही लाभ मिल रहा है। बाकी इस लाभ से वंचित हैं।
भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संचालित योजनाएं
शिशु हित लाभ योजना, मातृत्व हित लाभ योजना, बालिका मदद योजना, अक्षमता पेंशन योजना, दुर्घटना सहायता योजना, पुत्र विवाह अनुदान योजना, मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, आवास सहायता योजना, पेंशन योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, मेधावी छात्र योजना, मध्याह्न भोजन सहायता योजना संचालित हैं।
समय-समय पर शिविर लगाकर मजदूरों का पंजीकरण किया जाता है। इसके बाद भी श्रमिक रुचि नहीं दिखाते हैं। 32 हजार श्रमिकों के नवीनीकरण न कराने से वह योजना से वंचित हैं। लॉकडाउन के बाद सभी मजदूरों का नवीनीकरण करवाया जाएगा। वहीं, 15,374 श्रमिकों में से करीब 12 हजार लोगों के खाते में एक हजार रुपये भेज दिए गए हैं। बाकी के खाते सही कर रुपये भेजने की कार्रवाई चल रही है।
-जगदीश वर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी।