हिसामुद्दीनपुर गांव में ग्रामीणों से समस्याओं पर वार्ता करते माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री।
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माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री विजय बहादुर पाल ने शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता जांचने के लिए जिले के मॉडल स्कूल प्राइमरी पाठशाला हिसामुद्दीनपुर के अलावा पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरेईपुर व प्राइमरी पाठशाला तिर्वा गंज का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चे 19 का पहाड़ा नहीं सुना पाए। छात्रों की संख्या भी कम मिली। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री का काफिला शुक्रवार की सुबह दस बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरेईपुर में पहुंचा।
इस विद्यालय में कक्षा छह में 62, कक्षा सात में 7 व कक्षा आठ में 10 छात्र पंजीकृत थे। पंजीकृत कुल 88 छात्रों के विपरीत विद्यालय में महज 33 छात्र व छात्राएं मौजूद मिली। इस विद्यालय में सहायक अध्यापिका रवि नंदनी कार्यवाहक हेड टीचर के रुप में मौजूद थी। उनके अलावा विद्यालय में किसी अन्य टीचर की तैनाती नहीं थी। राज्य मंत्री ने कक्षा आठ के विद्यार्थियों से 19 का पहाड़ा पूछा। एक छात्रा को छोड़कर कोई सही जवाब नहीं दे पाया।
राज्य मंत्री ने जब बच्चों की कापियां चेक की तो पाया कि टीचर ने बिना जांचे ही अपने हस्ताक्षर कर दिए थे। कई जगह पर गलती होने के बावजूद भी टीचर के हस्ताक्षर थे। इस पर राज्य मंत्री ने सहायक टीचर को डांटा। इसके बाद हिसामुद्दीनपुर गांव पहुंचे। इस गांव के विद्यालय को अधिशाषी अभियंता जल निगम ने गोद ले रखा है। यहां सबकुछ ठीक मिला। विद्यालय में 99 छात्र पंजीकृत थे। 79 छात्र मौजूद मिले। यहां भी राज्यमंत्री ने कक्षा पांच के छात्रों से कई सवाल पूछे।
कुछ छात्रों ने सवालों के सही जवाब दिए। इस पर राज्य मंत्री ने उनकी पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद राज्यमंत्री प्राइमरी पाठशाला तिर्वागंज पहुंचा। यहां हेड टीचर आरती सिंह के अलावा दो अन्य सहायक अध्यापक मौजूद मिले। 122 छात्र पंजीकृत थे। राज्यमंत्री ने यहां भी छात्रों से सवाल दागे। कुछ छात्र जवाब दे पाए। कुछ छात्रो ने पहाड़े नहीं सुना पाए। राज्यमंत्री ने हेड टीचर को सुधार करने की चेतावनी दी।