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कासिमपुर में चारों ओर पानी-पानी

Fri, 05 Aug 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला/कन्नौज
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कासिमपुर गांव में घर में पानी न आने को मेड़ बांधने को जद्दोजहद में लगा लाखन का परिवार। - फोटो : अमर उजाला
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गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से कटरी के बाशिंदों के माथे में चिंता की लकीरें हैं। कासिमपुर में बुधवार देर रात गंगा का पानी घरों में घुस आया है। लोग गृहस्थी बचाने में जुटे हुए हैं। प्रशासन की ओर से इंतजाम को नाकाफी बताया है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 125.280 मीटर पर पहुंच गया है, जोकि खतरे के निशान से कुछ ही दूर है। कासिमपुर गांव जाने का मुख्य रास्ता सीमेंटड रोड की एक पुलिया से जुड़ा है। पुलिया के दोनों तरफ करीब छह फीट का गहरा गड्ढा है।
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लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बीते 24 घंटे में पुलिया को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है। गांव के अंदर किसी भी तरह से जाने का रास्ता नहीं दिखाई देता है। गांव के कुछेक इक्का-दुक्का ग्रामीण उस मार्ग से आते-जाते दिख जाते हैं। गांव में घुसते ही किनारे की ओर का सबसे पहले कंचन, रामसनेही, गया प्रसाद व बुद्धा का मकान पड़ता है। जहां जाने का रास्ता  तीन दिन पहले ही जलमग्न हो चुका है। यह परिवार नाव के सहारे आने-जाने का कार्य कर रहे हैं।

बुधवार रात लाखन के घर में भी पानी घुस गया। लाखन ने बताया कि पूरा परिवार देर रात से ही घर में पानी ज्याद न घुस पाए इसके लिए कच्ची मेड़ बांधने में जुटा हुआ है। लाखन की पत्नी मानसिया बताती है कि घर में रखा गृहस्थी के  सामान भी पूरी तरह खराब हो गया है। कुछ सामान को दीवार के सहारे इधर-उधर टांग कर बचाने की कोशिश की है। किसी तरह उन्होंने बाकी सामान को घरों की दीवारों में इधर-उधर टांग कर बचाए रखा है, लेकिन उन्हें डर है कि कब तक वह उसे बचाए रख पाएंगी। 
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लाखन की बेटी सावन माह में अपने पति राजेश के साथ अपने मायकेआई हुई है। उन दोनों ने बताया कि वह पूरी रात किसी न किसी तरह कहीं मेड़ बांधकर घर में पानी में आने से रोकने की क ोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन लगातार बढ़ रहे पानी ने उनकी समस्याएं भी बढ़ा दी है।

परिवार ने घर के मवेशियों को गुरुवार सुबह किसी तरह गांव के बाहर सड़क की ओर पहुंचा कर सुरक्षित कर दिया है। यही हाल गांव के कई परिवारों का है। इनके सामने अब गृहस्थी सुरक्षित कराना और रोटी का जुगाड़ करना है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि 95 फीसदी खेत पानी में डूब चुके हैं।
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