कन्नौज। आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड को धीमी गति से बनाने वाले जिले को स्टेट एजेंसी फार कंपरहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साची) के प्रबंध निदेशक संगीता सिंह ने जवाब तलब किया है। साची के प्रबंध निदेशक ने पत्र भेजकर गोल्डन कार्ड बनवाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में पांच लाख 93 हजार 400 घर चिह्नित किए गए है। एक लाख 60 हजार 230 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड अभी तक बने हैं। इस योजना से 7828 लाभार्थियों को चिकित्सा का लाभ मिल चुका है। गोल्डेन कार्ड की धीमी रफ्तार पर जिले को प्रदेश में 42 वीं रैंक हासिल हुई है। साची के एमडी ने धीमी रफ्तार से गोल्डेन कार्ड बनाने वाले जिलों को पत्र भेजकर तेजी लाने का निर्देश दिया है।
2011 की श्रम विभाग की गणना के आधार पर चयनित लोगों के गोल्डेन कार्ड बनाए जा रहे थे। 2020 से अंत्योदय कार्ड धारक के भी कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे जिले में इनकी संख्या पहले की तुलना में दो गुनी हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शुक्रवार को गोल्डेन कार्ड बनवाने में तेजी लाने के लिए कैंपों का दौरा किया। टीमें छिबरामऊ, तालग्राम, जलालाबाद सीएचसी पर पहुंचकर गोल्डेन कार्ड बनाने में तेजी लाने का निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सभी कैंपों पर टीमें जा रही हैं। गांव में प्रधान और आशा बहुओं की सहायता लेकर कैंप के साथ घर पर ही गोल्डेन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।