कन्नौज। बीएसए ने स्कूल खुलने की हकीकत जानने को कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इसमें 10 शिक्षक व चार शिक्षामित्र गैरहाजिर थे। बीएसए ने उनका वेतन रोक दिया। साथ ही कायाकल्प के तहत काम न मिलने पर प्रधानाध्यापक पर नाराजगी जताई। स्कूलों में रंगाई-पुताई के अलावा अन्य कार्य जल्द करवाने के निर्देश दिए।
गुरुवार को बीएसए केके ओझा ने प्राथमिक विद्यालय खुर्रमपुर को देखा। यहां हेड टीचर जसवंत कुमार व सहायक अध्यापक रुचि कटियार उपस्थित मिली जबकि शिक्षामित्र उपासना कटियार नौ बजे तक स्कूल नहीं आई थी। यूपीएस खुर्रमपुर हेड टीचर धनदेवी उपस्थित मिली जबकि सहायक अध्यापक हरिश्चंद्र, ऊषा आनंद, संजय द्विवेदी, पीएस आनंदीपुर्वा में हेड टीचर महमूर फातिमा समेत तृप्ति गंगवार, शिक्षामित्र सुकृति पाल, संगीता पाल गायब रहे। पीएस दारुल नगर में सहायक अध्यापक रश्मि यादव, प्रीती कटियार, शिक्षामित्र संगीता कटियार गायब रहीं जबकि राजीव कटियार उपस्थित मिले। पीएस तेरामल्लू में सभी अध्यापक उपस्थित मिले जबकि कायाकल्प के तहत स्कूल में कोई काम नहीं करवाया गया था। इस पर बीएसए ने नाराजगी व्यक्त कर हेड टीचर रजनीश कटियार का वेतन रोक दिया। यूपीएस तेरामल्लू में सहायक अध्यापक चूण सिंह, प्रेमलता व कुमकुम गैरजाहिर रहे। पीएस मोची में हेड टीचर नेहा आर्य सीएल पर थी जबकि स्कूल में सभी लोग उपस्थित मिले। बीएसए ने लापरवाही पर शिक्षकों व शिक्षामित्रों का वेतन रोक दिया। वहीं, प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों को स्कूल में कायाकल्प के तहत बेहतर ढंग से काम करवाने की बात कही।