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पशुपालकों ने काऊ मिल्क प्लांट को बंद किया दूध देना

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उमर्दा का काऊ मिल्क प्लांट। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज/उमर्दा। भुगतान न होने से पशुपालकों ने काऊ मिल्क प्लांट को दूध देना बंद कर दिया। इससे करोड़ों की लागत से बना प्लांट बंद होने की कगार पर आ गया है। दूध की कम आवक से रोजाना एक लाख की जगह 30 हजार लीटर की पैकेजिंग हो रही है। पशुपालकों का कहना है कि जल्द बकाये का भुगतान न होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं दूध की कम आवक से काऊ मिल्क प्लांट में पनीर बनना बंद हो गया है। घी और सफेद मक्खन भी कम तादाद में बन रहा है।
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पशुपालकों को लाभान्वित करने और दूध की बेहतर आपूर्ति के लिए तिर्वा तहसील के उमर्दा में 140.39 करोड़ की लागत से काऊ मिल्क प्लांट की स्थापना की गई थी। चार दिसंबर 2019 को प्लांट शुरू किया गया था। आठ दुग्ध संग्रह केंद्रों की मदद से करीब 30 हजार पशुपालकों से खरीद कर रोजाना एक लाख लीटर दूध की पैकेजिंग होती थी। करीब एक साल से बजट न मिलने से पशुपालकों को करीब एक करोड़ से अधिक का भुगतान नहीं किया जा सका। इससे पशुपालकों ने अब काऊ मिल्क प्लांट के संग्रह केंद्रों पर दूध देना बंद कर दिया है। मौजूदा समय सिर्फ 10 हजार किसान दूध दे रहे हैं। इससे रोजाना एक लाख की जगह 30 हजार लीटर दूध की पैकेजिंग कर आपूर्ति कराई जा रही है। पशुपालकों को बकाये का जल्द भुगतान न किया गया तो करोड़ों की लागत से बना काऊ मिल्क प्लांट बंद हो जाएगा।
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