कन्नौज। सरकारी नौकरी करने वाले कई लोग भी पहले सरकारी रेट और फिर दो साल से फ्री का राशन खाते आ रहे हैं। कई लोग ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनके पास बंदूक का लाइसेंस है और फिर भी अंत्योदय राशनकार्ड भी है। जिला पूर्ति कार्यालय में कार्ड समर्पण को ऐसे लोग आ रहे हैं तो मामला खुल रहा है।
मंगलवार को जिला पूर्ति कार्यालय में ऐसे कई लोग प्रार्थना पत्र और राशन कार्ड लेकर पहुंचे, जो खुद ही अपने को अपात्र बताने लगे हैं। कुछ ने कारण स्पष्ट किए हैं तो कई लोगों ने गोलमोल भाषा में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड समर्पण करने की गुहार लगाई है। कुछ का कहना है कि अब वे आर्थिक रूप से संपन्न हो गए हैं तो कई ने अपने को सरकारी राशन के लिए पात्र नहीं बताया है।
इसी तरह कई गांव से आए लोगों ने नए राशनकार्ड बनाने की गुहार लगाई है। अब उनको लगने लगा है कि जब अपात्रों के नाम कटेंगे, तो उनके स्थान पर पात्रों के नाम जुड़ भी जाएंगे।
केस नंबर एक
तहसील सदर कन्नौज क्षेत्र के लोहामढ़ निवासी सीमा देवी के पास अंत्योदय राशन कार्ड है। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को दिए पत्र में कहा है कि पति इंद्रेश पांडेय के नाम लाइसेंसी बंदूक है, जिस कारण राशन कार्ड कटवाना चाहती हैं।
केस नंबर दो
समधन नगर पंचायत क्षेत्र निवासी शाहिन बेगम ने डीएसओ को भेजे प्रार्थना पत्र में जिक्र किया है कि परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हो गया। राशन व अन्य सुख-सुविधाओं के लिए वह सक्षम हैं, इसलिए राशन कार्ड निरस्त करवाना है।
केस नंबर तीन
नगर पालिका परिषद कन्नौज क्षेत्र के मोहल्ला बजरिया शेखाना निवासी नाहिद ने राशनकार्ड और प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि वह इसके लिए पात्र नहीं है, इसलिए निरस्त राशन कार्ड निरस्त कराना है। उन्होंने अपना कार्ड समर्पित भी कर दिया।
केस नंबर चार
मंगलवार को पूर्ति विभाग में बजरिया शेखाना निवासी खदीजा तनवीर ने भेजे पत्र में कहा है कि वह राशनकार्ड नियमावली के तहत पात्र नहीं है, इसलिए राशनकार्ड निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने कार्ड का समर्पण कर दिया।
कार्यालय में काफी लोग राशनकार्ड समर्पण करने आ रहे हैं। जो अपात्र हैं, वह प्रार्थना पत्र देकर कार्ड जमा कर दें। जल्द ही घर-घर सत्यापन भी होगा। उसमें भी नाम काटे जाएंगे। शिकायतें शासन तक पहुंचीं हैं। करीब 200 लोगों ने कार्ड कटवाने और नए बनवाने को लेकर गुहार लगाई है।
- केके गुप्त, जिला पूर्ति कार्यालय