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10 स्टाफ नर्सों की नौकरी पर संकट, कोविड संक्रमण के दौरान मिली थी नौकरी, मेडिकल कालेज प्रकरण के बाद से बेचैनी

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सौ शय्या अस्पताल। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में 29 स्टाफ नर्सों की छुट्टी के बाद अब यहां स्टाफ नर्सों पर सेवा समाप्ति की तलवार लटकी है। इन स्टाफ नर्सों (मेल व फीमेल) को कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आउटसोर्सिंग के तहत रखा गया था।
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शुक्रवार को नगर के सौ शय्या अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत स्टाफ नर्सों में सेवाएं जारी रहने के प्रति बेचैनी दिखी। नर्सों का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व अस्पताल प्रशासन की ओर से सेवा समाप्ति का फरमान सुना दिया गया था। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो फरमान को रोक लिया गया।
इस समय अस्पताल में 25 स्टाफ नर्स हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि 10 स्टाफ नर्सों को कोविड संक्रमण की लहर देखते हुए रखा गया था। इनकी छुट्टी हो सकती है। तिर्वा मेडिकल कालेज प्रकरण के बाद से इनमें बेचैनी है। वहीं सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि शासन से मिले निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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कायाकल्प सर्वे के बाद गिर सकती गाज
सौ शय्या अस्पताल में 23 नवंबर को लखनऊ से आनी वाली टीम मूल्यांकन करेगी। स्वास्थ्य कर्मियों को डर है कि इस सर्वे के बाद सेवा समाप्त हो सकती है। सीएमएस पत्र जारी कर कायाकल्प टीम के सवालों का जवाब न देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं।
मोर्चा खोलने वाले चिह्नित
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों प्रदर्शन कर आला अधिकारियों से शिकायत करने व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को चिह्नित कर लिया गया है। इन स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कभी भी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है।
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