तिर्वा। विवादित भूमि को राजस्व टीम ने पुलिस विभाग को आवंटित कर दिया। इस पर पुलिस विभाग की ओर से चौकी का निर्माण शुरू करा दिया गया। पूरा मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। तब पुलिस को बुधवार को खुद ही निर्माणाधीन चौकी को बुलडोजर से ढहाना पड़ा।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अहेर में स्थित 1.2140 हेक्टेयर भूमि को वर्ष 1986 में विजय कुमार व अजय कुमार को पट्टे पर आवंटित किया गया था। वर्षों बाद इस जमीन को लेकर ग्रामसभा ने विवाद खड़ा करते हुए तत्कालीन एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम कोर्ट ने 30 अप्रैल 2024 को विजय कुमार का पट्टा निरस्त करते हुए भूमि को ग्रामसभा के नाम दर्ज करने का आदेश दे दिया। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने चौकी और वाहन यार्ड निर्माण के लिए राजस्व विभाग से जमीन की मांग की। राजस्व विभाग ने विवादित जमीन को ही कोतवाली तिर्वा के नाम आवंटित कर दिया।
जन सहयोग से निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसी बीच विजय कुमार ने हाईकोर्ट की शरण ली। प्रयागराज हाईकोर्ट ने पुराने दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विजय कुमार के स्वामित्व को सही ठहराया और तीन दिन के भीतर निर्माण ध्वस्त करने का निर्देश दिया। इस मामले में एसपी विनोद कुमार ने बताया कि ग्राम समाज ने आम सहमति से पुलिस विभाग को जमीन दी थी। इसके बाद वादी विजय कुमार कमिश्नरी चला गया। वहां से जीतने के बाद हाईकोर्ट में अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया है कि वहां कोई नया निर्माण नहीं होगा। यदि हुआ है तो हटा दिया जाए। आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है।
राजस्व विभाग की लापरवाही में अटका शहीद स्मारक
राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते सुखी गांव में बलिदानी सौरभ पाल का शहीद स्मारक भी अधर में लटका हुआ है। राजस्व विभाग ने जिस जमीन को बलिदानी के पिता के नाम आवंटित किया था, उस जमीन पर भी गांव निवासी ने दावा कर हाईकोर्ट के आदेश को दिखाते हुए हो रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया है।