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आंगनबाड़ी केंद्र बाल मंदिर, बच्चे ईश्वर का प्रतिरूप : राज्यपाल

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स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक प्रदान करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक प्रदान करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
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तिर्वा (कन्नौज)। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज में मेरा दूसरी बार आना हुआ है। यहां बहुत प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन सबसे बड़ा मंदिर आंगनबाड़ी केंद्र है, जिसमें बच्चे ईश्वर का प्रतिरूप हैं। यह एक जीता जागता बाल मंदिर है। बच्चा आठ साल तक 80 प्रतिशत चीजें सीख लेता है, जैसा उसके सामने घटित होता है। शेष 20 प्रतिशत वह शेष जिंदगी में सीखता है। इसलिए माता-पिता के साथ बच्चों की परवरिश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की महती भूमिका है। वह बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में विभिन्न योजना के लाभार्थियों को किट वितरण करने के लिए आई थीं।
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उन्होंने 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संसाधन किट और युवा उद्यमी योजना के पांच लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित की। कहा कि बाल्यावस्था में बच्चों का समुचित विकास अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों द्वारा की गई प्रस्तुति सराहनीय हैं। बच्चों को जिस उम्र में माइक पकड़ने में हिचकिचाहट होती हैं, उससे भी कम उम्र के बच्चों ने सुंदर प्रस्तुति दी। उन्होंने आयुष्मान योजना के पांच लाभार्थियों को कार्ड, पांच टीबी रोगियों को पोषण पोटली और पीएम कुसुम योजना के पांच लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इसके बाद पांच किसानों को कृषित यंत्र अनुदान प्रमाण पत्र दिए।
स्वयं सहायता समूहों की पांच महिलाओं को 11.61 करोड़ रुपये के डेमो चेक देकर सम्मानित किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में मौलसिरी का पौधा रोपित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक, डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार, सीडीओ रामकृपाल चौधरी, एडीएम आशीष सिंह, पार्टी जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया उपस्थित रहे।
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राज्यपाल ने बच्चों के पोषण और शिक्षा क्षेत्र में किए उल्लेखनीय योगदान
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने राज्यपाल को एक शिक्षिका के रूप में सम्मानित करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों के पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने उनकी पुस्तक चुनौतियां मुझे पसंद नहीं हैं का उल्लेख करते हुए उनके जीवन की प्रेरणास्पद यात्रा पर प्रकाश डाला।

हृदय रोग और कैंसर अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत ने कहा कि तिर्वा क्षेत्र आस्था का केंद्र है, जहां मां अन्नपूर्णा का सिद्धपीठ और दोलेश्वर मंदिर स्थित हैं। उन्होंने राज्यपाल से हृदय रोग व कैंसर रोगियों के उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

सरकारी विभागों के स्टॉलों का किया अवलोकन
मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों की ओर से सरकारी योजनाओं के लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आम जनमानस के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ सभी को लेना चाहिए।
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