कन्नौज। अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में चार लोगों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इन पर जातिसूचक अपशब्द कहने और मारपीट कर पीड़ित को चोट पहुंचाने के आरोप थे।
गुरसहायगंज के अफसरी मोहल्ले की महरानी दोहरे ने मोहल्ले के तालिब पुत्र पप्पू और शहजाद पुत्र रहीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामला सात जून 2016 की रात आठ बजे का है। महरानी का बेटा आशीष साइकिल से कार्यक्रम देखने गया था। वहां गांव के तालिब और शहजाद ने जातिसूचक अपशब्द कहते हुए मारपीट कर दी। बेटे के सिर में चोट लग गई। शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पांडेय की दलील सुनने के बाद विशेेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आनंद प्रकाश सेकेंड ने दोनों आरोपियों को दोषी माना। उन्होंने तीन-तीन साल कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
वहीं तालग्राम थानाक्षेत्र के नगला दुर्गा गांव के चंद्रबाबू जाटव ने उस्मान खां के बेटों मुख्तार व शामीन के खिलाफ 2016 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चंद्रबाबू ने बताया कि पत्नी चमेली देवी कंडा लेने गई थीं। यहां दोनों शीशम के पेड़ काट रहे थे। मना करने पर जातिसूचक अपशब्द कहे। मारपीट करने लगे। शोर सुनकर बेटी पूजा बचाने पहुंची तो उसे भी मारापीटा। दोनों को चोटें लगीं। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने दलील पेश की। इसके बाद विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश सेकेंड ने दोनों भाइयों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।