कन्नौज। मुख्यमंत्री योगी ने नवंबर 2023 में सभी जनपदों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को अवैध टेंपो स्टैंड पूरी तरह से अभियान चलाकर बंद करने के आदेश दिए थे। टेंपो स्टैंड पर ठेकेदारों द्वारा की जा रही वसूली को उन्होंने अराजकता व गुंडई बताया था। इस आदेश को दरकिनार कर शहर में अवैध टेंपो स्टैंड चल रहे है।
रोडवेज बस अड्डे के बाहर टेंपो खड़े करवाकर बिल्हौर व गुरसहायगंज जाने वाले चालकों से सवारियां भरवाने के नाम पर प्रतिदिन 50 रुपये लिए जाते है। नगर पालिका की ओर से ठेकेदार 50 रुपये की रसीद प्रतिदिन एक टेंपों की काटता है। ई-रिक्शा वालों से 20 रुपये लिए जाते हैं। तिर्वा क्रासिंग पर अवैध टेंपो स्टैंड पर भी 50 रुपये सवारी भरवाने व 50 रुपये की नगर पालिका की रसीद काटी जाती है। ऐसे में महीने में तीन हजार रुपये एक टेंपो चालक से वसूली करके उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसमें यातायात सिपाही 500 रुपये मासिक वसूलते हैं। रुपये न देने पर चालान कर दिया जाता है।
एआरटीओ कार्यालय में 2106 टेंपो व थ्रीव्हीलर पंजीकृत है। 891 ई-रिक्शा का विभाग में पंजीकरण है। निर्धारित मार्ग का सभी टेंपो के पास परमिट होता है। इसके बाद भी वह अन्य मार्गो पर भी धड़ल्ले से फर्राटा भरते हैं। उस पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है। पालिका के अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी का कहना है कि शीघ्र ही अवैध टेंपो स्टैंड हटवाए जाएंगे। टेंपों स्टैंड के लिए दो स्थान चिह्ति कर लिए गए है। वहां पर काम भी कराया जाएगा। ठेके पहले से उठे हुए हैं, इस बारे में जानकारी की जाएगी।
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कन्नौज से बिल्हौर के लिए प्रतिदिन देने पड़ते हैं 100 रुपये
अरौल निवासी अंशू टेंपो चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। अवैध टेंपो स्टैंड पर नगर पालिका की प्रतिदिन की 50 रुपये की रसीद काटी जाती है। 25 रुपये सवारी भरवाने के लिए जाते है। सुविधाओं के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है। पीने का पानी व शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। इसके बाद नगर पालिका किस बात के रुपये वसूल करती है।
मेहनत की कमाई का आधा हिस्सा चला जाता
जलालपुर पनवारा निवासी रानू टेंपो चलाकर परिवार का भरण पोषण करते है। वह कन्नौज से गुरसहागंज तक टेंपो चलाते है। 100 रुपये प्रतिदिन देने पड़ते है। इसके बाद लोकल पुलिस व यातायात के लोगों को भी महीना देना पड़ता है। मेहनत की कमाई का आधा हिस्सा चला जाता है। ऐसे में टेंपो चालकों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
लोन पर लिया है ई-रिक्शा
मोहल्ला सरायगली निवासी अकरम ने बताया कि ई-रिक्शा लोन पर है। दिन भर मेहनत करते 400 रुपये कमाते है। 40 रुपये स्टैंड वाले को रसीद व सवारियां भरने के प्रतिदिन देने पड़ते है। स्टैंड पर नगर पालिका की ओर से कोई सुविधा नहीं मुहैया कराई गई है। फिर किस बात के 20 रुपये की वसूली की जाती है। यह वसूली बंद होनी चाहिए।
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गरीब ई-रिक्शा चालकों से वसूली कराई जाए बंद
ई-रिक्शा चालक साहिल ने बताया कि वह रोडवेज से मेहंदी घाट तक सवारियां लेकर जाते है। 40 रुपये उनको प्रतिदिन देने पड़ते हैं। नगर पालिका की 20 रुपये की रसीद कटती है। नगर पालिका 20 रुपये गरीब ई-रिक्शा चालकों से किस बात के लेती है जबकि स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में नाजायज वसूली को बंद करना चाहिए।