छिबरामऊ। बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर सौ शय्या अस्पताल के स्टॉफ नर्स की सेवा समाप्ति को आठ दिन बीत चुके हैं। स्टॉफ नर्स ने लखनऊ में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का दरवाजा खटखटाया है। स्टॉफ नर्स ने पति की आंखों की रोशनी जाने का हवाला देते हुए मानवीय दृष्टिकोण के चलते नौकरी वापस दिलाने की मांग की है।
सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में तैनात स्टॉफ नर्स गुड़िया की बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर 10 दिसंबर को सेवा समाप्त कर दी गई थी। बर्खास्त स्टॉफ नर्स शुक्रवार को लखनऊ में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से मिली। गुड़िया ने बताया कि पति की आंखों की रोशनी चली जाने के कारण वह घर गई थी। छुट्टी से तीन दिन अधिक अवकाश लेने के बाद वह अस्पताल आई तो उसे बर्खास्त कर दिया गया। बकौल गुड़िया इस पर कैबिनेट मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर सेवाएं जारी रखने को कहा है। इधर, शनिवार को सीएमओ डा. विनोद कुमार के निर्देश पर एसीएमओ डा. एके जाटव सौ शय्या अस्पताल पहुंचे। उन्हें सीएमएस डा. राजेश कुमार तिवारी अस्पताल में नहीं मिले। एसीएमओ ने कार्यालय से स्टॉफ नर्स गुड़िया की फाइल ली और चले गए। इस संबंध में सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि स्टॉफ नर्स ने मामले की शिकायत उनसे की गई थी। जिसकी जांच के लिए एसीएमओ को अस्पताल में भेजा गया था। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।