कन्नौज। तालग्राम का मोहल्ला कायस्थान डायरिया की चपेट है। दो सगी मासूम बहनों, उनकी बुआ की मौत के बाद यहां छह घरों में 17 और लोग उल्टी दस्त से पीड़ित निकले हैं। इन्हीं में से दो साल की बच्ची मानवी का मेडिकल कालेज में इलाज कर रहे डॉ. सुनील यादव ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह डायरिया का मामला है। मगर सीएमओ डा. विनोद कुमार इसे फूड प्वाइजनिंग बता रहे हैं। मोहल्ले में लगाए गए स्वास्थ्य परीक्षण के समय लोगों ने सवाल किया कि एक साथ सभी घरों में फूड प्वाइजनिंग कैसे हो सकता है?
सगी बहनों की मौत की जानकारी पर डीएम राकेश मिश्रा ने सीएमओ, एसीएमओ डॉ. बृजेश शुक्ला, एसडीएम छिबरामऊ अशोक कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंशुल पांडेय को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने बच्चियों के परिजनों से जानकारी ली। कायस्थान में स्वास्थ्य शिविर लगाया। यहां 56 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इनमें से 15 और लोगों में भी उल्टी-दस्त की शिकायत मिली। इनमें संजीव की तीन बेटियां उल्टी दस्त से पीड़ित निकलीं। सीएमओ ने फूड प्वाइजनिंग बता कर सीएचसी भेजा। मगर दो साल की मानवी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने इसमें डायरिया की पुष्टि की।
15 दिन बाद आएगी जांच रिपोर्ट
फूड प्वाइजनिंग की आशंका में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंशुल पांडेय ने मृतक बहनों के घर में रखी रोटी, कढ़ाई में मिले तेल, इस्तेमाल किए जा रहे गेहूं के आटे, बनी हुई मूंग की दाल, पूड़ी का नमूना भरा। इसके अलावा दो सरकारी हैंडपंप और पाइप लाइन से आपूर्ति किए जाने वाले पानी का नमूना भरा गया। अंशुल पांडेय ने बताया कि सभी नमूनों को क्षेत्रीय खाद्य जांच प्रयोगशाला आगरा भेजा जाएगा। 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर मामला डायरिया का है, लेकिन स्पष्ट तौर पर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी ही बता पाएंगे।
रात में था सब ठीक, सुबह होते ही कोहराम
घटना का पता चलने पर श्यामवीर प्रजापति अपने घर कायस्थान पहुंच गए। श्यामवीर के मुताबिक रविवार रात परिजनों से मोबाइल पर बात हुई थी। रिया और रितिका की तबीयत खराब होने का पता चला था। पत्नी ने बताया था कि दोनों बेटियों को उल्टी दस्त आ रहे हैं। कस्बे से दवा लिए जाने की जानकारी दी थी। सोमवार तड़के दोनों बच्चियों की मौत की जानकारी मिली। यहां आने पर पत्नी और पिता के भी बीमार होने का पता चला।
मेहरबानी पर चल रही झोलाछाप की दुकान सील
जांच करने के लिए मृतकों के घर पहुंचे एसडीएम छिबरामऊ अशोक कुमार ने परिजनों से पूछा कि उपचार कहां हुआ था? इस पर कस्बे के ही एक झोलाछाप का नाम बताया गया। फिर एसडीएम, सीओ के साथ झोलाछाप की दुकान पर पहुंचे। यहां तीन मरीज इलाज कराते मिले। इनमें श्यामवीर की चचेरी बहन उमा भी शामिल थी। इन सभी को सीएचसी और फिर मेडिकल कालेज भेजा गया। रास्ते में उमा की मौत हो गई। एसडीएम ने स्वास्थ्य महकमे के अफसरों से सख्त नाराजगी जताते हुए झोलाछाप की दुकान के संचालन को लेकर सवाल किए। इसके बाद झोलाछाप की दुकान सील करा दी।
और फिर नहीं स्पष्ट हुआ मौत का कारण
रिया और रितिका की मौत के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम देर शाम किया गया। पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम में दोनों बच्चियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। दोनों का विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। खास बात यह है कि बीती 20 जून को गांव अटारा में तबीयत बिगड़ने के बाद मां बेटे और पोती की मौत हो गई थी। इन तीनों का भी पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया था, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई थी। इन तीनों का भी विसरा सुरक्षित कर लिया गया था।